बलिया। नरहीं थाना क्षेत्र के भरौली स्थित प्रांतीय सीमा से प्रवर्तन दल को हटाया तो गया लेकिन वन उपज से राजस्व वसूली के लिए कोई इंतजाम नहीं किया गया। हालांकि गंगा पुल बंद होने की आड़ में वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने तीन सालों में करोड़ों का वारा न्यारा किया।
वर्ष 2007-08 में हाईकोर्ट के निर्देश पर वन उपज से अभिवहन शुल्क वसूल करने के लिए प्रांतीय सीमाओं पर चेकपोस्ट स्थापित किया गया। हालांकि वर्ष 2012 में वैट लागू होने के बाद सरकार ने सभी विभागों के चेकपोस्ट को समाप्त कर दिया।
लिहाजा वन विभाग की ओर से प्रवर्तन दल की तैनाती सभी प्रांतीय सीमाओं पर की गई और बिहार प्रांत की ओर से आने वाले लाल बालू, कोयला, गिट्टी आदि पर अभिवहन शुल्क वसूल करने का काम जारी रहा।
इसी बीच भरौली-बक्सर के बीच बने गंगा पुल को मरम्मत के लिए बिहार सरकार ने 12 मई 2014 को आधी रात में पुल के दोनों सिरे पर लोहे की बैरिकेडिंग लगाकर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया। इसके बाद वन विभाग के अफसरों ने पुल बंद होने के कारण भरौली में तैनात प्रवर्तन दल को समाप्त कर दिया लेकिन माफियाओं ने अपना कारोबार छोटे वाहनों से जारी रखा।
बताया जाता है कि इसके बाद से वन विभाग का गोरखधंधा शुरू हो गया। हालांकि प्रावधान है कि प्रवर्तन दल नहीं होने पर बिहार प्रांत की ओर से वन उपज लेकर आने वाले वाहनों पर जुर्माना लगाया जाए। लेकिन यह काम तीन सालों में महज आठ-नौ वाहनों पर ही किया गया है। बताया जाता है कि फेफना रेंज में स्थित इस प्रांतीय सीमा की जिम्मेदारी संबंधित रेंजरों की होती है। जबकि यह बात जगजाहिर है कि पुल बंद होने के बाद से भरौली गंगा पुल के रास्ते छोटे वाहनों से लाल बालू, कोयला, गिट्टी आदि लाने का काम बड़े पैमाने पर होता है।
सूत्रों की मानें तो पुल बंद होने की आड़ में भले ही वन विभाग की ओर से राजस्व की वसूली न की गई हो लेकिन इस दौरान अधिकारियों व कर्मचारियों ने करोड़ों का वारा न्यारा किया है। भले ही प्रवर्तन दल हटा लिए गए लेकिन हमेशा विभाग के कर्मचारी या समय-समय पर मोबाइल टीम तैनात रही। सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों ने तैनाती के दौरान क्या किया? जबकि तैनाती की पुष्टि डीएफओ भी कर चुके हैं।
वर्ष 2014 में पुल पर भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने के कारण प्रवर्तन दल को हटा लिया गया। समय-समय पर वन उपज लेकर आने वाले वाहनों को पकड़कर जुर्माना वसूल किया जाता है। प्रवर्तन दल हटाने का निर्णय उच्चाधिकारियों का है।
= सत्येन्द्र सिंह, रेंजर, फेफना रेंज, बलिया