बलिया। डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील चंद्र राय की हत्या समेत अन्य मामलों में फरार चल रहे दो लाख के इनामी बदमाश कौशल चौबे के गांव चैन छपरा में शहर कोतवाली पुलिस ने सोमवार को डुगडुगी पिटवाई तथा सार्वजनिक व उसके घर पर नोटिस चस्पा किया। इस दौरान एनाउंस कर बताया कि जो भी व्यक्ति कौशल चौबे के बारे में बताएगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा और उसका नाम भी गोपनीय रखा जाएगा। यह कार्रवाई अपर जिला जज/ फास्ट ट्रैक कोर्ट-तीन मनोरमा के निर्देश पर हुई।
अपर जिला जज/ फास्ट ट्रैक कोर्ट-तीन मनोरमा की अदालत ने सोमवार को सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर सुशील चंद्र राय हत्याकांड की सुनवाई करते हुए इनामिया व फरार चले रहे कौशल चौबे के विरुद्ध एनबीडब्लू व 82 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करने निर्देश पुलिस अधीक्षक को दिया। कोर्ट के निर्देश के क्रम में कोतवाली पुलिस ने कोतवाल शशिमौलि पांडेय के नेतृत्व में इनामी व फरार चले रहे कौशल चौबे के गांव चैनछपरा में डुगडुगी पिटवाकर व एनाउंस कर एनबीडब्लू व 82 सीआरपीसी के तहत सार्वजनिक स्थान व उसके घर पर नोटिस चस्पा किया। फरार आरोपी पर डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर व चौहरे हत्याकांड समेत जनपद व गैर जनपद में कुल 27 मुकदमं पंजीकृत हैं।
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वर्ष 2002 में डीपीएम सुशील की हुई थी हत्या
बलिया। 21 अगस्त 2002 में सेतु निगम के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर व गाजीपुर जिले के बेटाबर निवासी सुशील चंद्र राय की हत्या माडल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर गोली मारकर कर दी गई थी। इसमें बदमाशों का पीछा करने के दौरान जीआरपी के कांस्टेबल रमाशंकर सिंह, हेड कांस्टेबल छबिगल यादव व कांस्टेबल उमाशंकर यादव को भी गोली लगी थी। इसमें कांस्टेबल रमाशंकर सिंह की मृत्यु हो गई थी। इस मामले में तत्कालीन जीआरपी एसओ पीएन तिवारी के तहरीर पर कौशल चौबे, अजीत चौबे, अरुण चौबे पुत्रगण कमलाकांत चौबे व अंशुमान चौबे विरुद्ध धारा 307 व 302 व 7 क्रिमिनल ला एमेंडमेंट एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हत्या मांझी पुल के ठेकेदारी को लेकर की गई थी।