फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लूटकांड के बाद केबिमैन हत्याकांड के खुलासे की जगी आस

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। सारनाथ एक्सप्रेस डकैती मामले का खुलासा करने के बाद जीआरपी और आरपीएफ ने भले ही बेहतर कार्य का परिचय दिया है, लेकिन बलिया रेलवे स्टेशन के समीप करीब 11 माह पूर्व केबिन मैन शैलेश तिवारी की हत्यारों तक अभी तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है।
विज्ञापन

शहर के चित्तू पांडेय चौराहे के समीप स्थित रेलवे क्रासिंग पर तैनात केबिनमैन शैलेश तिवारी की छह फरवरी 2018 की रात बदमाशों ने राड से मारकर हत्या कर दी थी। सहायक स्टेशन मास्टर के तहरीर पर जीआरपी पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबीन आरंभ किया। लेकिन अब तक जीआरपी पुलिस मामले की गुत्थी सुलझाने में विफल रही है। इस मामले में जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम के साथ ही सर्विलांस व मऊ की टीम आरोपियों तक पहुंचने के लिए रात दिन लगी रही। इस मामले में विजयीपुर के कुछ लोगों को जीआरपी पुलिस उठाकर पूछताछ भी किया। बावजूद कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका है। जीआरपी पुलिस अधीक्षक ने जीआरपी प्रभारी यूके श्रीवास्तव को उदासीनता बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद राजा भइया को मामले की खुलासा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन वह भी गुत्थी को सुलझा नहीं सकें। इसके बाद जीआरपी थाने की कमान रामकृष्ण मिश्र को सौंपी गई। लेकिन अभी तक मामला बेनतीजा रहा।
इस संबंध में गोरखपुर प्रक्षेत्र जीआरपी के एसपी पुष्पांजलि का कहना है कि केबिनमैन शैलेश तिवारी हत्याकांड संज्ञान में है और इसमें गठित टीम कार्य कर रही है, जल्द ही इसका भी खुलासा होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें