बलिया। उभांव थाना क्षेत्र के शेखपुर गांव में करीब 12 साल पहले घर में घुसकर मारपीट करने के मामले में पंचम अपर सत्र न्यायाधीश दयाराम की अदालत ने सात आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और एक-एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
अभियोजन के मुताबिक वादी मोतीलाल राजभर ने उभांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि गांव के ही दीपक यादव आदि के परिवार से उनकी रंजिश है। वे हमेशा उन्हें प्रताड़ित करते रहते हैं। 26 मार्च 2005 को करीब छह बजे शाम को शौच के लिए जाने के दौरान दीपक, संतोष वगैरह छींटाकशी करने लगे। जिस पर बात आगे बढ़ गई। इसी बीच 27 मार्च को छह बजे सुबह दीपक यादव, योगेंद्र यादव, खेदारु यादव, केदार, विजय बहादुर, संतोष यादव, उमेश यादव लाठी-डंडा से लैस होकर घर में घुस आए और वादी के लड़के रामभवन, रामप्रवेश तथा भाई जयराम को लाठी-डंडों से मारने लगे। शोर-गुल सुनकर मौके पर पहुंचे लोगों ने बीच-बचाव किया। जिस पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुए पुलिस ने आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश दयाराम की अदालत ने अभियुक्त दीपक यादव, योगेंद्र यादव, खेदारु यादव, केदार, विजय बहादुर, संतोष यादव, उमेश यादव खिलाफ दोष साबित पाया। जिस पर उन्हें पांच-पांचए साल के सश्रम कारावास और एक-एक हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।