अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज/गुरसहायगंज। कानपुर की एंटी करप्शन टीम ने बुधवार शाम को गुरसहायगंज कोतवाली के दरोगा को 50 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया। दरोगा ने दहेज उत्पीड़न के मामले में एफआर लगाने के एवज में आरोपी पक्ष ने रुपये मांगे थे। एंटी करप्शन टीम प्रभारी ने आरोपी दरोगा के खिलाफ सदर कोतवाल में मुकदमा दर्ज कराया है।
गुरसहायगंज के मोहल्ला गांधीनगर निवासी शकील हुसैन के बेटे मुदस्सिर का निकाह 29 नंबर 2017 को कस्बे के मुजाहिदनगर निवासी सरफुद्दीन की बेटी अर्शी बेगम से हुआ था। शादी कुछ दिनों बाद अर्शी बेेगम की पति से अनबन हो गई। 25 अप्रैल 2018 को अर्शी बेगम ने पति मुदस्सिर और ससुर शकील हुसैन, मुरशीद, सूफिया और रवीना के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। 12 जून को मामले की जांच गुरसहागयंज कोतवाली के सेकेंड अफसर (एसएसआई) दरोगा जितेंद्र कुमार को सौंपी गई थी। आरोप है कि दरोगा जितेंद्र कुमार एफआर लगाने के एवज में शकील हुसैन से एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। पैसे की मांग करीब एक महीने से की जा रही थी। शकील हुसैन ने एंटी करप्शन सेल लखनऊ के एसपी अशोक कुमार तिवारी को इस संबंध में 24 सितंबर को प्रार्थना पत्र दिया।
एसपी ने एंटी करप्शन सेल कानपुर की एएसपी निहारिका शर्मा को कार्रवाई का आदेश दिया। इस पर एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर शंभू नाथ तिवारी ने शकील हुसैन से संपर्क कर दरोगा को रंगे हाथ पकड़ने के योजना तैयार की। मंगलवार शाम को दरोगा ने फिर शकील हुसैन को फोन लगाकर पैसे मांगे। इस बार शकील 50 हजार रुपये देने को तैयार हो गए। बुधवार शाम करीब पांच बजे गुरसहायगंज में पीडब्ल्यूडी तिराहे पर पैसे देने का वादा हुआ। के लिए बुलाया। एंटी करप्शन टीम प्रभारी शंभूनाथ तिवारी ने शकील हुसैन के रुपयों में रंग लगा दिया। आसपास एंटी करप्शन टीम की इंस्पेक्टर मनीषा और मधु भी खड़े हो गए। इसके बाद शकील ने दरोगा जितेंद्र को फोन किया। दरोगा कुछ ही देर में तिराहे पर पहुंच गया।
शकील ने जैसे ही रुपयों की गड्डी दरोगा को पकड़ाई, एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। सर्विस रिवाल्वर कब्जे लेकर एंटी करप्शन टीम दरोगा को पहले गोपनीय स्थान फिर सदर कोतवाली ले गई। यहां दरोगा को कोतवाल एके सिंह के सुपुर्द कर दिया गया। एंटी करप्शन टीम के प्रभारी शंभू नाथ तिवारी ने बताया कि दरोगा जितेंद्र कुमार को घूस लेते पकड़ा गया है। दरोगा जितेंद्र कुमार ने 20 दिसंबर 2017 को गुरसहायगंज कोतवाली में चार्ज लिया था। उनके पास नौरंगपुर चौकी का भी प्रभार था। दरोगा जितेंद्र कुमार हाथरस जिले के थानाक्षेत्र मुरसान के गांव नगला बाबू के रहने वाले हैं। एंटी करप्शन टीम प्रभारी शंभू नाथ की तहरीर पर दरोगा जितेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शकील ने बताया कि मुकदमे से दो लोगों का नाम निकालने की बात हुई थी। इसके एवज में दरोगा 70 हजार रुपये ले चुका था। दरोगा एक लाख रुपये और मांग रहा था। बुधवार को 50 रुपये देने की बात तय होने पर दरोगा ने पहले धर्मा होटल के पास बुलाया। इसके बाद भारत होटल के पास बुलाया लेकिन दरोगा वहां भी नहीं आया। इस तरह दरोगा ने छह जगह बदलीं, इसके बावजूद एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया। एंटी करप्शन टीम ने दोपहर करीब 12 बजे तिराहे के आसपास पहुंच गई थी। घुस के पैसे लेते ही एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को अपनी गाड़ी में डाला और फर्रुखाबाद की ओर चली गई। दरोगा को उठाने की चर्चा तेजी से फैल गई। एंटी करप्शन टीम की गाड़ी में एक सिपाही वर्दी में बैठा था और करीब आधा दर्जन लोग आसपास घूम रहे थे।
पूरे आपरेशन पर लखनऊ के एंटी करप्शन सेल के एसपी और कानपुर में तैनात एएसपी नजर रखे रहे। करीब डेढ़ घंटे बाद शाम करीब साढ़े छह बजे जब एंटी करप्शन टीम आरोपी दरोगा को लेकर सदर कोतवाली पहुंची तो गुरसहायगंज कोतवाल राजबहादुर सिंह और कई दरोगा यहां पहुंच गए। कुछ ने बचाव का प्रयास भी किया लेकिन बात नहीं बनी।
50 हजार की घूस लेते धरा गया दरोगा
एंटी करप्शन कानपुर की टीम ने गुरसहायगंज कोतवाली में सेकेंड अफसर को किया गिरफ्तार
क्रासर
दहेज उत्पीड़न के मामले में एफआर लगाने के एवज में मांगे थे रुपये
हाथरस जिले के गांव नगला बाबू का रहने वाला है आरोपी दरोगा
फोटो- 35- कन्नौज में घूस लेेने के आरोप में पकड़ा गया दरोगा जितेंद्र कुमार।
फोटो-33- कनौज की सदर कोतवाली में घूस के रुपयों से छूटा पानी सील करती एंटी करप्शन टीम।
फोटो-34- कन्नौज सदर कोतवाल एके सिंह से बात करते एंटी करप्शन टीम के सदस्य।