बलिया। अक्टूबर 2016 में नेहा की गला रेत कर की गई हत्या के मामले में 14 माह बाद भी हत्यारोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हालांकि पुलिस ने कोर्ट से आदेश लेकर कुर्की की कार्रवाई तो कर चुकी है लेकिन आरोपी तक उसके हाथ नहीं पहुंच सके। जबकि पीड़ित परिवार न्याय की आस लिए दर-दर भटक रहा है।
रेवती थाना क्षेत्र के छेड़ी निवासी जंग बहादुर सिंह उर्फ टमाटर सिंह की पुत्री नेहा सिंह की 15 अक्तूबर 2016 को गला रेत हत्याकर क्षेत्र के खदरा मौजा गांव स्थित सरकारी नलकूप से 100 मीटर दूर एक मक्के के खेत में की गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर खेत मालिक ने पुलिस को सूचना दिया था। मृतका की मां मंजू देवी ने बताया था कि 14 अक्तूबर को सहतवार कस्बा निवासी मनोज राजभर बाइक से घर आया। बताया कि आपकी लड़की ममता जिसकी शादी सहतवार में हुई है। उसकी तबीयत खराब है। वह जिला अस्पताल में भर्ती है। चूकि मनोज ममता के चचेरे ससुर की गाड़ी चलाता था। जिसके चलते मेरे यहां आया करता था। उसकी बातों को विश्वास में लेकर नेहा को उसके साथ भेज दिया था। लेकिन उसने नेहा की गला रेत हत्या कर डाली। इस मामले में मृतका के पिता जंग बहादुर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कई जगह दबिश भी दी। लेकिन 14 माह गुजर जाने के बाद भी आज तक वह हत्यारोपी तक नहीं पहुंच सकी। जबकि पुलिस ने कोर्ट से आदेश लेकर कुछ माह बाद आरोपी के घर कुर्की की कार्रवाई भी की। बावजूद आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।