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दोषी पाए जाने पर मुकदमा पंजीकृत करने का दिया निर्देश

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बलिया (नगरा)। नगरा क्षेत्र में एक बालक की बांह टूटी नहीं थी और एक चिकित्सक ने उसके बांह पर प्लास्टर चढ़ा दिया। जिससे बालक की बांह सड़ गई। बालक के पिता ने सूबे के मुख्यमंत्री से लगायत स्वास्थ्य महकमे के आला अफसरों के यहां भी पत्र भेजा था। शिकायती पत्र पर 11 फरवरी को निजी चिकित्सक के खिलाफ जांच भी हुई, लेकिन लीपापोती करके जांच आख्या को जिला मुख्यालय पर दबा दिया गया। पीड़ित ने एक बार फिर जिलाधिकारी बलिया के यहां पहुंच कर अपनी व्यथा बताई। डीएम के निर्देश पर सीएमओ बलिया ने 13 अप्रैल को निजी चिकित्सक के खिलाफ प्रभारी चिकित्साधिकारी नगरा को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के साथ ही दोषी पाए जाने पर मुकदमा पंजीकृत कराने का निर्देश दिया है।
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नगरा निवासी सुनील कुमार सिंह का आठ वर्षीय पुत्र प्रांजल घर के सीढ़ी से गिर पड़ा और बांह में दर्द होने लगी। सुनील सिंह ने लड़के को लेकर नगरा नहर स्थित एक निजी चिकित्सक के यहां गए। चिकित्सक ने बांह पर प्लास्टर चढ़ा दिया। कई दिनों पर आराम के बजाए दर्द असह्य हो गया तो पिता ने अपने बच्चे को लेकर मऊ गया, वहां चिकित्सक ने प्लास्टर को काटा तो देखा कि बांह सड़ रही है और इंफेक्शन हो गया है। मऊ के डाक्टर की सलाह पर पिता ने बच्चे को बीएचयू ले गए, जहां काफी मशक्कत के बाद चिकित्सकों ने बच्चे को तो बचा लिया लेकिन बच्चे का हाथ बेकार हो गया। पीड़ित पिता ने निजी चिकित्सक की शिकायत सीएमओ बलिया के यहां 13 फरवरी 2017 को की। कोई कार्यवाही नही होने पर पीड़ित पिता ने सितंबर 2017 को सूबे के मुख्यमंत्री के यहां पत्र भेजकर गुहार लगाई। इसके बाद शिकायती पत्र के आधार पर सीएमओ बलिया एसपी राय द्वारा 11 फरवरी 2018 को स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित कर निजी चिकित्सक के खिलाफ जांच की गई। स्वास्थ्य टीम ने अपनी जांच आख्या जिले पर भेज दी लेकिन निजी चिकित्सक के खिलाफ कोई कार्यवाही नही हुई। कार्यवाही नही होने पर पीड़ित पिता ने जिलाधिकारी बलिया भवानी सिंह खंगारौत से मिला और अपनी पीड़ा सुनाई। डीएम ने सीएमओ को निजी चिकित्सक के खिलाफ जांच का निर्देश दिया। एक बार फिर सीएमओ ने नगरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी को निजी चिकित्सक के खिलाफ जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के साथ ही दोषी पाए जाने पर मुकदमा पंजीकृत कराने का निर्देश दिया है।
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