बलिया। सरकारी धन के गबन के मामले में दो आरोपियों की जमानत अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार की अदालत ने खारिज कर दी। यह मामला सदर तहसील अंतर्गत दैवीय आपदा राहत कोष के करोड़ाें रुपये फर्जी तरीके से चेक द्वारा बैंक शाखा के कर्मचारियों की मिलीभगत से भुगतान करने का है।
अभियोजन के मुताबिक बलिया सदर तहसील के तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि दैवीय आपदा राहत कोष में ओलावृष्टि के किसानों के लिए एक करोड़ 36 लाख रुपये की बंदरबांट रजिस्ट्रार कानूनगो हरिशंकर उपाध्याय और लेखपाल विजय ओझा तथा एसबीआई चोगड़ा और नगरा की शाखा से चेक द्वारा गलत तरीके भुगतान कराया गया। जिसके भुगतान की अवधि समाप्त होने के बाद भी चेक पर कूटरचना करते हुए तहसीलदार का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर सरकारी धन का गबन किया गया। जिसकी जानकारी जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम को होने के बाद उन्होंने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जिसकी रिपोर्ट आने के बाद तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने शहर कोतवाली में 29 मई 2017 को मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले के आरोपी रजिस्ट्रार कानूनगो हरिशंकर उपाध्याय और लेखपाल विजय ओझा की जमानत कोर्ट ने खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से डीजीसी तथा बचाव पक्ष से कौशल सिंह तथा शेषनाथ सिंह ने तर्क प्रस्तुत किया।