एचडीएफसी बैंक मैनेजर व कर्मचारी पर केस
रसड़ा। पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने रसड़ा एचडीएफसी बैंक के तत्कालीन मैनेजर व कर्मचारी रंजीत पांडेय के विरुद्ध गबन का मुकदमा पंजीकृत कर छानबीन में जुट गई।
भीमपुरा थाना क्षेत्र के किड़िहरापुर के इस्माइलपुर सेमरी गांव निवासी कबूतरी देवी पत्नी स्व. रामनारायण शर्मा ने शनिवार को पुलिस अधीक्षक को पत्रक सौंपा। उसके पति रामनारायण शर्मा की मौत छह वर्ष पूर्व में पानी में डूबने से हो गई थी। कृषि बीमा दुर्घटना योजना के तहत शासन द्वारा उसे पांच लाख रुपया दिया गया। पैसे जमा करने के लिए भाई रविंद्र शर्मा के साथ चार जुलाई 2014 को रसड़ा स्थित एचडीएफसी बैंक पहुंची। जहां बैंक कर्मचारी रंजीत पांडेय द्वारा एक लाख तथा 10 जुलाई 2014 को एक लाख 50 हजार रुपये फिक्स डिपॉजिट कर दिया गया। जबकि दो लाख 50 हजार रुपये एचडीएफसी लाइफ योजना में आठ वर्ष के लिए जमा करा दिया। कर्मचारी द्वारा बताया गया कि उसे प्रत्येक माह अच्छा ब्याज मिलेगा।
ेआपका बैंक में खाता खोल देंगे। जिसमें ब्याज का पैसा आता रहेगा। बैंक कर्मचारी रंजीत पांडेय ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया रसड़ा में खाता खोल दिया। खाता खुलने के कुछ महीने बाद 11 हजार रुपया ही आया, जो कर्मचारी द्वारा फर्जी तरीके से खाते में भेजा गया था। इसके बाद पैसा आना बंद हो गया। जब इसकी जानकारी लेने एचडीएफसी बैंक के मैनेजर अमित कुमार तिवारी से मिली और अपना कागजात दिखलाया तो बैंक मैनेजर ने बताया कि उनका रुपया बैंक में जमा नहीं है। कर्मचारी द्वारा फर्जी दस्तावेज दिया गया है।