बलिया। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर सरकारी दवा की खरीद में 78 लाख रुपये गबन करने के आरोप में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक ने बलिया सीएमओ कार्यालय में तैनात चीफ फार्मासिस्ट अरुण कुमार सिंह को मंगलवार को निलंबित कर दिया। महानिदेशक ने निलंबित अवधि तक के लिए चीफ फार्मासिस्ट को आजमगढ़ कार्यालय से संबद्घ किया है। इस बाबत पत्र सीएमओ कार्यालय को प्राप्त हो चुका है।
बताया जाता है कि चीफ फार्मासिस्ट पर वर्ष 2009-11 के बीच दो सालों में पीएचसी बेरुआरबारी, बीबारी, रसड़ा, चिलकहर, बलिया आदि स्थानों पर तैनाती के दौरान फर्जी वितरण दिखाते हुए सरकारी दवाओं को अनाधिकृत रूप से खरीद कर करीब 78.6 लाख का गोलमाल का आरोप है। करीब तीन माह पहले इस मामले की जांच शासन के निर्देश पर अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण आजमगढ़ ने किया। एडी की जांच में विभिन्न पीएचसी व सीएचसी पर फर्जी वितरण दिखाते हुए लाखों रुपये की गबन करने की पुष्टि हुई। अपर निदेशक की जांच रिपोर्ट के आधार पर महानिदेशक ने सीएमओ कार्यालय में तैनात चीफ फार्मासिस्ट अरुण कुमार सिंह के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए उन्हें आजमगढ़ कार्यालय से संबद्घ कर दिया। महानिदेशक की ओर से की गई कार्रवाई का पत्र सीएमओ कार्यालय को मंगलवार की शाम मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया।