बलिया। 2008 से लेकर वर्ष 2016 के बीच जिले में तैनात रहे तीन डीआईओएस पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। इसके अलावा गड़वार क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रबंधतंत्र पर भी खतरा मंडरा रहा है। हालांकि एक तत्कालीन डीआईओएस का निधन हो चुका है और एक डीआईओएस पहले से बर्खास्त हैं। जबकि एक वर्तमान में देवरिया जिले में तैनात हैं।
बताया जाता है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में पिछले सालों में खूब गड़बड़झाला किया गया है। तत्कालीन तीन डीआईओएस ने मनमाने तरीके से आदेश भी जारी किए। गड़वार क्षेत्र के एक विद्यालय के प्रबंधतंत्र की ओर से स्कूल में अल्पकालिक अध्यापक के तौर पर एक नियुक्ति की। इसके बाद प्रबंधतंत्र ने सहायक अध्यापक को गैर विभाग में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया। वर्ष 2016 में सहायक अध्यापक प्रतिनियुक्ति से वापस लौट गए। इसी बीच गड़वार क्षेत्र के ही लोगों ने इस मामले की शिकायत शासन से की। शासन स्तर से मामले की जंाच कराई गई। जांच में सामने आया कि अल्पकालिक सहायक अध्यापक को प्रबंध तंत्र ने बिना विभाग से वेतन प्राप्त किए ही उसे प्रतिनियुक्ति भी भेज दिया। इसके अलावा तीन जिला विद्यालय निरीक्षकों ने भी पद का दुरुपयोग करते हुए सहायक अध्यापक के अवशेष वेतन का भुगतान किया।
सूत्रों की मानें तो करीब एक पखवारा पहले माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव संजय अग्रवाल ने संबंधित सहायक शिक्षक को 30 जून 2008 के बाद किए गए अवशेष भुगतान के मामले में रिकवरी व दोषियो के खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा निदेशक से प्रस्ताव मांगा था। इस मामले में शिक्षा निदेशक स्तर पर प्रस्ताव तैयार हो चुका है। इसमें तीन डीआईओएस शिवचंद राम (वर्तमान में देवरिया जिले में तैनात), रामलोटन राम (मृतक) व रमेश सिंह (वर्तमान में बर्खास्त) पर कार्रवाई होना तय है। इसके अलावा गड़वार स्थित स्कूल के प्रबंधतंत्र के खिलाफ भी शासन कार्रवाई कर सकती है। इसको लेकर जिले के माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली मची है। हालांकि कोई अधिकारी खुलकर कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं। प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक अतुल तिवारी ने बताया कि शासन से अभी किसी तरह की कार्रवाई के बाबत सूचना प्राप्त नहीं हुई है।