बलिया। दहेज हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ के न्यायालय ने आरोपी को सश्रम आजीवन कारावास से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार वादी बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के डूमरी गांव निवासी धीरज ने 18 अप्रैल 2015 को कोतवाली में तहरीर दिया कि मेरी बहन रानी की शादी गोविंद पुत्र स्व. छोटेलाल निवासी अमृतपाली थाना कोतवाली के साथ हुई। शादी के बाद से ही कम दान-दहेज के लिए बार-बार मेरी बहन के साथ मारपीट कर घर से निकाल देते थे। जिसका मुकदमा विभिन्न न्यायालयों में चला। लेकिन रिश्तेदारों के समझाने पर उन्होंने कहा था कि आज से रानी को अच्छे से रखूंगा तथा मारपीट नहीं करूंगा। इस दौरान कई शर्तों पर मामला सुलह होने के बाद बहन अपने ससुराल गई थी। पुन: 12 अप्रैल 2015 के दिन मिट्टी का तेल छिड़क कर मेरी बहन को उसके पति गोविंद तथा गोविंद की मां ने मिलकर जला दिया। उसके बाद इलाज के दौरान अंतत: 13 अगस्त 2015 को बहन रानी की मृत्यु 11 बजे दिन में हो गई। जिसका पोस्टमार्टम बांसडीहरोड थाना द्वारा कराया गया। उक्त मामलों में मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला न्यायालय में गया। इस दौरान न्यायालय में सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने गोविंद जी को दहेज हत्या के मामले में सश्रम आजीवन कारावास के साथ ही दस हजार रुपये की अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड वसूल होने पर अर्थदंड की आधी धनराशि प्रतिकर के रुप में वादी मुकदमा धीरज को दी जाएगी।