सिकन्दरपुर। तहसील परिसर में गुरुवार क्षेत्र के करमौता के गांव के लेखपाल व प्रधान के बीच हाथापाई हो गई। इसके चलते कुछ देर तक तहसील परिसर में अफरा-तफरी मची रही। लेखपाल ने प्रधान समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। उधर, प्रधान ने भी एक लेखपाल पर जाति सूचक शब्द के साथ गाली देने व मारपीट करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
बताया जाता है कि करमौता गांव के लेखपाल कमलेश कुमार से गांव के प्रधान राकेश उर्फ रमेश कुमार एक 115 सी की कार्रवाई को लेकर जानकारी ले रहे थे। इसी बात को लेकर पहले दोनों के बीच कहासुनी हो गई और देखते ही देखते गाली-गलौज शुरू हो गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे लेखपाल अरुण सिंह ने गाली गलौज से मना किया जिसके बाद मारपीट हो गई। कुछ ही देर बाद तहसील लेखपाल संघ के नेतृत्व में पहुंचे लेखपाल अरुण सिंह ने सरकारी कार्य में बाधा डालने और गाली गलौज देने का आरोप लगाते हुए प्रधान समेत तीन नामजद व तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुुरु कर दी है। उधर, प्रधान राकेश राम उर्फ रमेश ने बताया कि गांव की गड़ही पर अवैध कब्जा को खाली करने का आदेश लेकिन कार्रवाई नहीं हो रही थी। इस बाबत वह लेखपाल से वाता कर रहा था कि दूसरे क्षेत्र के लेखपाल अरुण सिंह आकर जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए गाली देने लगे और मारपीट की। इस घटना के संबंध में पुलिस को लेखपाल अरुण सिंह के खिलाफ तहरीर दी गई है।