बलिया। सोमवार की रात इलेक्ट्रानिक चैनल के पत्रकार रतन सिंह को बदमाशों ने गांव के प्रधान के घर में गोली मार कर हत्या कर दिया। इस मामले में मृतक के पिता विनोद कुमार सिंह के तहरीर पर फेफना पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि समेत 10 लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई में जुट गई और छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन शेष चार आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बता दे कि पत्रकार रतन सिंह का पट्टीदार अरविंद सिंह के साथ गांव में स्थित जमीन पर विवाद था। उसको लेकर दिसंबर 2019 में दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था और दोनों के तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई भी किया था। उसी समय खार खाए पट्टीदारों ने बदला लेने का मन में ठान लिया था। जिसका नतीजा रहा कि पट्टीदारों ने पत्रकार रतन सिंह को प्री प्लानिंग के तहत गांव के ही सोनू सिंह पुत्र स्व. विश्वनाथ सिंह के माध्यम से प्रधान के घर बुलवाया, जहां प्रधान प्रतिनिधि के साथ मिलकर पहले लाठी डंडे से पिटाई किया। जब उससे दिल नहीं भरा तो उसके सिर में दो गोली मारकर सदा सदा के लिए मौत की नींद सुला दिया। इसके बाद मौके से फरार हो गए। इस मामले में पुलिस ने मृतक के पिता विनोद सिंह के तहरीर पर प्रधान प्रतिनिधि सुशील सिंह उर्फ झाबर सिंह, सोनू सिंह, अरविंद सिंह, दिनेश सिंह, तेजबहादुर, बीर बहादुर सिंह, प्रशांत सिंह उर्फ हीरा, मोती सिंह, अनिल सिंह, उदय सिंह के विरुद्घ धारा 147, 148, 149, 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान प्रतिनिधि सुशील सिंह उर्फ झाबर, मोती सिंह, बीर बहादुर सिंह, दिनेश सिंह, अरविंद सिंह तथा सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन 48 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी अनिल सिंह, उदय सिंह, तेज प्रताप सिंह और प्रशांत सिंह को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। हालांकि पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने घटना के दिन ही त्वरित कार्रवाई करते हुए फेफना थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया था। वहीं हल्का के एक उप निरीक्षक व तीन आरक्षियों को मंगलवार की रात लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया। इस बाबत सदर सीओ चंद्रकेश सिंह ने बताया कि फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित टीम जगह-जगह दबिश दे रही है। फरार चल रहे आरोपी शीघ्र ही पुलिस की गिरफ्तार में होंगे।