सिकंदरपुर निवासी गौरीशंकर तिवारी ने चचेरी बहू सहित सात लोगों पर फर्जी व कूटरचित हिब्बानामा तैयार कराकर अपना नामांतरण राजस्व अभिलेख में कराने का आरोप लगाया। कोर्ट के निर्देश पर सिकंदरपुर पुलिस ने महिला समेत सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।
गौरीशंकर तिवारी ने न्यायालय में आवेदन देकर आरोप लगाया कि उसके भाई गिरजाशंकर तिवारी की बहू रीता तिवारी द्वारा फर्जी व कूटरचित हिब्बानामा 23 अप्रैल 1999 को तैयार कराकर अपना नामांतरण राजस्व अभिलेख में दिनांक आठ दिसंबर 2006 को करा लिया जिसके विरुद्ध प्रार्थी द्वारा तजबिजसानी न्यायालय तहसीलदार सिकंदरपुर के यहां दाखिल किया। जिसके विरुद्ध रीता देवी द्वारा न्यायालय राजस्व परिषद उप्र के यहां रीता देवी बनाम गौरीशंकर दाखिल किया। इसी बीच रीता देवी द्वारा अनाधिकृत व कूटरचित दस्तावेज तैयार करके शौकत अली निवासी जयराजपुरी, सरोजनी नगर अमौसी थाना सरोजनी नगर लखनऊ को 31 अगस्त 2022 को सब रजिस्ट्रार कार्यालय सिकंदरपुर के यहां उपरोक्त आराजी का 65 लाख रुपये में बैनामा कर दिया। जबकि उक्त विवादित भूमि के बावत अदालत दीवानी में कूटरचित व फर्जी हिब्बानामा निरस्त करने हेतु गौरीशंकर बनाम देवनंदन आदि विचाराधीन है। इसी बीच रीता देवी द्वारा अपने पति मनोज तिवारी व समक्ष गवाह की साजिश में प्रार्थी की आराजी का विक्रय कर दिया है। जबकि उक्त विवादित भूमि के बाबत राजस्व न्यायालय व अदालत दीवानी मुकदमा विचाराधीन है। इस बाबत थाना प्रभारी दिनेश पाठक ने कहा कि कोर्ट के निर्देश पर आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की जा रही है।