न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम प्रशांत बिलगैया की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में अभियुक्तगण कमली देवी पत्नी राज नारायण वर्मा, राज नारायण वर्मा पुत्र स्व. जगदीश वर्मा निवासी सहरसपाली थाना कोतवाली बलिया के खिलाफ दोष साबित पाते हुए आजीवन कारावास की सजा और 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वादी रामजी वर्मा साकिन चंदुकी थाना सुखपुरा ने थाना कोतवाली बलिया में आवेदन दिया था कि मेरी पुत्री सुनीता का विवाह 23 जून 2006 को सत्यनारायण पुत्र जगदीश वर्मा के साथ किया था। विदाई के बाद सत्यरायण के भाई राज नारायण, देव नारायण, राम नारायण दहेज के लिए उनकी लड़की को प्रताड़ित करने लगे और मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। सुनीता को मारपीट कर मजबूर करने लगे कि अपने पिता से मोटरसाइकिल मांग कर लाओ। 13 दिसंबर 2010 को उक्त मांग को लेकर कमली पत्नी राजनारायण, संतोषी पत्नी देवनारायण व रामनारायण की पत्नी ने सुनीता को मारपीट कर घर से निकाल दिया और जिंदा जलाने की धमकी दिया था। इसमें काफी पंचायत हुई थी। पंचायत में वादी के भाई रामनाथ व गांव के चंद्रमा थे। किसी तरह सुनीता के पति के सहयोग से वहां पर रखवाया गया। 17 मई 2011 को सुबह 10 बजे दिन में सुनीता को उसके पति के भाई राम नारायण, देव नारायण व राज नारायण की पत्नी कमली ने केरोसिन छिड़क कर जान से मार दिया। दामाद सत्यनारायण मजदूरी करने गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान 21 मई 11 को सुनीता की मौत हो गई। मामले में थाना कोतवाली पर न्यायालय के आदेश से मुकदमा दर्ज हुआ। मामले में थाना ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना प्रारंभ किया और राज नारायण वर्मा व कमली देवी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मामले में न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए अभियोजन के तरफ से कुल 9 गवाहों को परिक्षित कराया गया। न्यायालय द्वारा परीक्षित समस्त साक्षी और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन करने व अभियोजन की तरफ से विजय शंकर पांडेय सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी व बचाव पक्ष की तरफ से रवि पांडेय अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद राज नारायण वर्मा, कमली देवी के खिलाफ दोष साबित पाते हुए आजीवन कारावास और 35 हजार रुपये जुर्माना लगाया।