नगरा। पात्र व्यक्तियों के स्थान पर नाम बदलकर अपात्रों को आवास देना प्रधान और सचिव को भारी पड़ गया। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने निवर्तमान प्रधान, सचिव सहित चार लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया है। पुलिस की इस कार्यवाही से अन्य पूर्व प्रधानों में खलबली मची है।
नगरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत निकासी निवासी श्रीकांत सिंह पुत्र सीताराम सिंह ने सीजेएम न्यायालय में वाद दाखिल किया था कि तत्कालीन महिला ग्राम प्रधान, उसके पति, श्वसुर और ग्राम पंचायत अधिकारी ने वर्ष 2011 के प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास सूची में पात्र व्यक्ति राजेश पुत्र मुन्नीलाल की जगह अपात्र राजेश पुत्र सखीचंद, जगदीश पुत्र रूपा की जगह जगदीश पुत्र विष्णु, दिनेश पुत्र जगदीश की जगह दिनेश पुत्र विष्णु, महातम पुत्र जयमूरत की जगह महताम पुत्र सुदामा, रामावती पुत्री अंबिका की जगह रामावती स्त्री संजय को गलत एवं गैर कानूनी तरीके से कूट रचना करके अपात्रों को आवास आवंटित कर धनराशि को हड़प लिया। इस संबंध में ग्राम पंचायत सदस्य हरिनाथ गौतम ने मय शपथ पत्र जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और नगरा पुलिस को शिकायती पत्र दिया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। श्रीकांत सिंह के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने महिला पूर्व प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी सहित चार लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया। जिस पर पुलिस ने प्रधान सीमा सिंह, उनके पति धनंजय सिंह, श्वसुर शिवजी सिंह एवं सचिव प्रमोद सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और जांच पड़ताल में जुट गई है।