ब्लाॅक हनुमानगंज अंतर्गत नरही में छह वर्ष बीत जाने के बाद भी एक करोड़ से ज्यादा की लागत से निर्मित पानी टंकी कुछ दिन चलने के बाद बंद हो गई। जिसका संचालन आज तक नहीं हो पाया। क्षेत्रीय लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध नहीं हो रहा है। स्थानीय लोग इसके लिए निगम को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्हें आर्सेनिक युक्त पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षेत्र के नरही के मठिया, बैरिया, भांवरकोल, बेदौली, चेरुईया के मठिया, लोहरा के मठिया, खाप सिकंदरा की पानी सप्लाई बंद है। लगभग छह वर्ष बीत जाने के बाद भी पानी टंकी का संचालन नहीं हो पाया। सलिल गिरि, राधेश्याम गिरि, पूर्व प्रधान हरीश कुमार, सुरेन्द्र शाह, जितेन्द्र कुमार आदि का कहना है कि पानी टंकी संचालन न होने का सबसे बड़ा कारण निगम की लापरवाही है। जल निगम अधिशासी अभियंता मुकीम अहमद ने बताया कि पानी टंकी निर्माण के बाद नियमानुसार संचालन के लिए ग्राम पंचायत नरहीं को सुपुर्द कर दी गई थी, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से बताया गया कि अंडरग्राउंड पाइप जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस कारण पानी टंकी का संचालन नहीं हो रहा है। एक माह के कमियों को दूर करते हुए पानी टंकी का संचालन शीघ्र कराया जाएगा।