बैरिया क्षेत्र के सोनबरसा स्थित संसदीय कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते बलिया सांसद वीरेंद्र सि?
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बैरिया। कोरोना वायरस का प्रभाव प्राकृतिक विद्रोह का परिणाम है। पिछले 500 वर्षों का उदाहरण रहा है। हर 100 साल में एक बार प्रकृति विद्रोह करती है जिसके कारण प्लेग, चेचक, हैजा जैसी महामारियां हुई हैं। अब कोरोना वायरस आया है। प्रकृति का अंधाधुंध दोहन व प्रकृति का संरक्षण नहीं करने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। ये बातें सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बृहस्पतिवार को सोनबरसा स्थित अपने संसदीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
उन्होंने कहा कि इस त्रासदी के बाद भारत विश्व गुरु बनेगा और दुनिया का सबसे समृद्धशाली देश होगा क्योंकि हमारे देश की अर्थ व्यवस्था कृषि पर आधारित है। हमारी कृषि प्रकृति पर आधारित है। कभी भी भारत के चलते प्राकृतिक विद्रोह नहीं हुआ। इसका कारण पश्चिमी देश व अन्य देश रहे हैं, जो आज विकसित देश कहे जा रहे हैं। उन्होंने इस कोरोना वायरस के संक्रमण काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनहित के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा है कि दोनों नेताओं के प्रति देश के लोगों में ही नहीं, विश्व भर के लोगों में विश्वास बढ़ा है। सांसद ने बलिया के डीएम, एसपी, सीएमओ व जनपद के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सांसद ने देश के किसानों से आग्रह किया है कि रबी फसल तैयार होने के बाद अपने हैसियत के हिसाब से कुछ न कुछ सहायता प्रधानमंत्री राहत कोष या मुख्यमंत्री राहत कोष में भेजें, जिससे इस संकट की घड़ी में लोगों की मदद में कहीं कोई गतिरोध न पैदा हो। कहा कि भारत में आर्थिक मंदी नहीं आएगी। किसान सम्मान निधि, जनधन खाता, मनरेगा खाता सभी प्रकार के पेंशनरों के खातों में पैसे भेजा जा रहा है, वह पैसा वापस नहीं होना है, जरूरत पड़े तभी बैंक में जाएं।