बलिया। दस्तक अभियान के तहत इस बार कोरोना लक्षण वाले मरीजों की तलाश की जाएगी। आशाकार्यकर्ता एनटीपीसीआर कीट से सैंपलिंग से जांच कर चिन्हित करेंगी। पाजीटिव मिलने पर निगरानी समिति को सूचित करेंगी।
शासन के निर्देश पर एक से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलेगा। विभाग ने ब्लाकवार आशा व आंगनवाड़ी की ट्रेनिग दे दी हैं। दस्तक अभियान के तहत आशा, आंगनबाड़ी घर-घर जाकर परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य की जानकारी लेंगी। विभाग द्वारा मिले फार्मेट को भरेंगी। इस दौरान किसी सदस्य को कोविड लक्षण सर्दी, बुखार या गले में खराश की शिकायत मिलेंगी तो आशाकार्यकर्ता उस सदस्य की कोविड सैंपलिंग करेगी।
प्रति सैंपलिंग का पैसा भी मिलेगा। मरीज के पॉजिटिव आने पर होम गांव और मोहल्ले की निगरानी समितियों को देंगी। वह स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने के साथ मरीज को होम आइसोलेट करेंगे। संक्रमित मरीज के ट्रैवेल हिस्ट्री के आधार पर उनके संपर्क में आने वालों की भी तत्काल जांच की जाएगी। सही समय पर संक्रमण का पता चलने पर बढ़ने से रोका जा सकेगा।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉक्टर अभिषेक मिश्रा ने बताया कि कोविड के बढ़ते मामलों के बीच में संक्रमित की पहचान के लिए दस्तक अभियान कारगर साबित होगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग हर घर की स्क्रीनिंग कराएगा। जिससे कोविड मरीजों की सही जानकारी मिल जाएगी। अभियान की शुरुआत हो चुकी है।