जनपद के मूल्यांकन केंद्रों पर दूसरे दिन भी काम नहीं हुआ। संगठन के निर्देश पर अडे़ शिक्षकों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं, मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। मूल्यांकन कार्य न होने से जिले के चारों केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
जिले में कुंवर सिंह इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज, राजकीय बालिका विद्यालय और टाउन इंटर कालेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर बोर्ड ने 30 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कराने का निर्णय लिया था लेकिन प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों शर्मा गुट, चेतनारायण गुट, पांडेय गुट, ठकुराई गुट, वित्तविहीन शिक्षक संगठन आदि ने विभिन्न मांगों को लेकर बहिष्कार कर दिया।
इससे सोमवार की तरह मंगलवार को भी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो सका। मूल्यांकन कार्य को रोकने के लिए शिक्षक नेता सुबह नौ बजे से ही मूल्यांकन केंद्रों पर डटे रहे। शिक्षक नेता विजय कुमार सिंह का कहना है कि जब तक शासन हमारी मांगों को पूरी नहीं करता, तक तक मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा।
इनकी प्रमुख मांगों में तदर्थ शिक्षकों का विनियमितिकरण, सीटी वेतन क्रम की सेवाओं का लाभ चयन/प्रोन्नति वेतन मान, एलटी ग्रेड के शिक्षकों को प्रोन्नति वेतन मान की अनुमन्य के लिए पीजी की उपाधि की बाध्यता समाप्त करने, पुरानी पेंशन योजना फिर से लागू करने समेत अनेक हैं।