साधन सहकारी समिति शिवपुर कपूर दियर का नया भवन लगभग 18 महीने से बनकर तैयार है। लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा विभाग को अब तक स्थानांतरित नहीं किया गया है। जिसके कारण क्षेत्र के किसानों को खाद-बीज के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।
मानसून आने में चंद दिन बच गए है। मानसून आते ही खरीफ के फसलों की बुआई आरंभ हो जाएगी। इसके लिए खाद-बीज की आवश्यकता पड़ेगी। अगर यह भवन विभाग को स्थानांतरित शीघ्र हो जाए है तो किसानों को तीन किलोमीटर दूर दोकटी और भगवानपुर का चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। किसानों की मानें तो साधन सहकारी समिति शिवपुर कपूर दियर की स्थापना 1976 में भाड़े के मकान में लालगंज बाजार के न्याय पंचायत मुरारपट्टी में स्थापित की गई थी।
एक दशक बाद मकान मालिक रामजी पाठक ने समिति को अपना भवन दान में दे दिया। इस भूमि पर 1988 में साधन सहकारी समिति का निर्माण हुआ। जहां से मुरारपट्टी, बहुआरा, हृदयपुर, शिवपुर-कपूर दियर तथा दलकी नंबर एक के किसानों को खाद-बीज तथा विभिन्न प्रकार के उर्वरक मिलने लगा। यह भवन लगभग सात वर्षो से जर्जर हो हो चुका है। इस समिति के किसानों को हर साल कभी दोकटी तो कभी भगवान पुर में अटैच कर खाद-बीज वितरण किया जाता हैं। जिससे क्षेत्र के किसानों को असुविधा होती हैं। किसानों की परेशानी को देखते हुए बैरिया विधायक जयप्रकाश अंचल ने समिति के नए भवन के लिए धन स्वीकृत करा दिया जो 15 लाख की लागत से तैयार हो गया। लेकिन कार्यदाई संस्था द्वारा अब तक विभाग को स्थानांतरित नहीं किया गया।
एआर कोआपरेटिव अभय सिंह का कहना है कि शिवपुर कपूर दियर में पैक्सपैड द्वारा बनाया गया सहकारी समिति का नया भवन पूरी तरह से मानक के विपरीत है। जिसकी रिपोर्ट प्रशासनिक स्तर से शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।