बलिया। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पाॅक्सो न्यायालय ने आरोपी सत्येंद्र यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायालय ने उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का अर्थ दोषी के शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक कारावास है।
रसड़ा थाने में 18 अगस्त 2020 को पीड़िता के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि नाबालिग पुत्री के साथ उसी दिन शाम सत्येंद्र यादव ने दुष्कर्म किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना की और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को पाक्सो एक्ट की धारा 6 में दोषी माना। इसके बाद अदालत ने उसे शेष प्राकृतिक जीवनकाल तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। संवाद