सुखपुरा क्षेत्र के भरखरा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर लटका ताला। जागरूक पाठक
बलिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदाकर्मियों की 4 दिन से हड़ताल के कारण जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 19 सीएचसी, 11 पीएचसी, 66 न्यू स्वास्थ्य केंद्र, 158 आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
वहीं, जिला अस्पताल व महिला अस्पताल में संविदाकर्मी ड्यूटी कर रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), एएनएम और लैब टेक्नीशियनों सहित अन्य कर्मचारियों की गैरमौजूदगी में नियमित कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया है। कहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटक रहे हैं तो कहीं जांच और टीकाकरण की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मरीजों को इलाज के लिए दूसरे केंद्रों का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
एनएचएम संविदाकर्मी नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। हड़ताल लंबी खिंचने पर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और बढ़ने की आशंका है। इंदरपुर क्षेत्र में न्यू पीएचसी भीमपुरा नंबर दो, मालीपुर, इंद्रौली-मलकौली और किशोरगंज में संविदा चिकित्सकों की हड़ताल से चिकित्सा कार्य प्रभावित है। भीमपुरा नंबर दो में लैब टेक्नीशियन के कार्य बहिष्कार से खून और पेशाब समेत दूसरी जांचें नहीं हो पा रही हैं। सोनापाली स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर ताला लटकने से ओपीडी के लिए पहुंच रहे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को लौटना पड़ रहा है।
रसड़ा सीएचसी में संविदाकर्मियों की हड़ताल के चलते नियमित चिकित्सकों और कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ा है। प्रभारी चिकित्सक डॉ. प्रणय कुणाल ने बताया कि नियमित कर्मचारियों के सहयोग से सेवाएं जारी रखी जा रही हैं।