बलिया। जिले में तीन किसान कल्याण केंद्रों के निर्माण के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। इसमें एक के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है लेकिन दो दो केंद्रों के निर्माण के लिए अभी जमीन नहीं मिल पाई है। इसके चलते 240.42 लाख रुपये का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत और उन्हें नई तकनीकों से पूरी तरह से अपडेट करने को लेकर शासन ने वर्ष 2019 में एक छत के नीचे सारी सुविधायें प्रदान करने के लिए किसान कल्याण केंद्रों के निर्माण कराने का निर्णय लिया। इसके बनने के बाद किसानों को जिला मुख्यालय तक खाद बीज के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। हर माह किसानों की बैठक हो सकेगी और प्रशिक्षण की भी सुविधा मिलेगी। खाद, बीज, यंत्र व अन्य सामानों की खरीद के लिए पंजीकरण भी कराया जा सकेगा। इसके तहत शासन ने अलग-अलग वर्षों में कुल नौ किसान कल्याण केंद्र आवंटित किए। वर्ष 2021-22 में पंदह ब्लॉक के लिए आंवटित किसान कल्याण केंद्र का निर्माण शुरू नहीं हो सका। यहां ग्राम सभा की जमीन पर पौधे लगे होने के कारण जगह नहीं मिल पाई। अब कृषि विभाग ने ब्लॉक क्षेत्र के विशहर गांव में जमीन की तलाश ली है। यहां जल्द ही काम शुरू होगा। इसके अलावा वर्ष 2021-22 रेवती, दुबहर व बेरुआरबारी में एक-एक किसान कल्याण केंद्र निर्माण की स्वीकृति मिली थी। दुबहर ब्लॉक के लिए आवंटित किसान कल्याण केंद्र के निर्माण के लिए ब्लॉक क्षेत्र के सरयां गांव में जमीन चिह्नित किया गया लेकिन बेरुआरबारी व रेवती ब्लॉक के गांवों में अभी भी जमीन की तलाश में कृषि विभाग जुटा है। एक किसान कल्याण केंद्र के निर्माण के लिए 80.14 लाख की धनराशि निर्धारित है। तीन किसान कल्याण केंद्रों का निर्माण नहीं होने से कुल 240.42 लाख की धनराशि डंप पड़ी है।
तीन वर्षों में स्वीकृत हुए नौ किसान कल्याण केंद्र
2019-20- बांसडीह, सोहांव व नगरा
2020-21- पंदह, नवानगर व सीयर
2021-22- दुबहड़, बेरुआरबारी व रेवती
पिछले वर्ष में पंदह ब्लॉक के लिए आवंटित किसान कल्याण केंद्र के लिए जमीन का चयन किया गया था लेकिन खाली नहीं होने के कारण अब विशहर गांव स्थित जमीन का चयर कर लिया गया है। इस वर्ष आवंटित रेवती व बेरुआरबारी ब्लॉक के गांवों में जमीन की तलाश की जा रही है।
- विकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, बलिया