बलिया। मनरेगा योजना में परिवर्तन का विरोध करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष उमाशंकर पाठक ने पत्रकार वार्ता की। उन्होंने कहा कि यूपीए-1 की सरकार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम लागू किया गया था। लेकिन भाजपा सरकार इस खत्म कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को गांव स्तर के परियोजनाओं पर निर्णय लेने का अधिकार देकर पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत किया गया। कोविड-19 जैसे संकटों के दौरान यह ग्रामीण भारतीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा साबित हुई। भाजपा सरकार भारत के सबसे गरीब लोगों के लिए गरिमा सुरक्षा और जीवन यापन की गारंटी इस मनरेगा कानून को कमजोर कर इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है कि जब तक मनरेगा को पूरी तरह से उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं किया जाता, तब तक मनरेगा की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी।
कांग्रेस ने तीन जनवरी से ही पूरे देश में मनरेगा बचाव संग्राम शुरू कर दिया है। पिछले एक महीने से जारी इस संग्राम में हम गांधीवादी तरीके से इस संवेदनहीन बदलाव का विरोध कर रहे हैं। पूरे प्रदेश में मनरेगा बचाओ चौपाल का आयोजन करने के बाद कल 13 फरवरी को प्रदेश के सभी जनपदों में मनरेगा बचाओ पदयात्रा निकाली गई। मनरेगा बचाव संग्राम का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है।