पाकिस्तान के पेशावर शहर में मंगलवार को आर्मी स्कूल में आतंकी हमले की चहुंओर निंदा की जा रही है। इस हमले में 132 बच्चों ने जान गंवाई। जनपद के विभिन्न स्कूलों में शोकसभा कर बच्चों को श्रद्धांजलि दी गई।
इस घटना को लेकर यहां के छात्रों में भी जबरदस्त गुस्सा दिखा। सभी ने घटना की निंदा करते हुए पाकिस्तान सरकार से आतंकियों को नहीं बख्शने की अपील की। वहीं लोगों का कहना है कि आखिर मासूमों की क्या गलती थी।
इस कत्लेआम से मानवता शर्मसार हो गया। आतंकवादियों को सरेआम फांसी पर लटकाया जाना चाहिए। बुधवार को नगर से सटे दिल्ली पब्लिक कान्वेंट स्कूल बहेरी में प्रार्थना के बाद दो मिनट का मौन रखकर मृतकों के गतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
गुरुजनों ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि दहशतगर्दों की कोई जाति, धर्म तथा मजहब नहीं होती। सिविल कोर्ट परिसर में वकीलों ने भी शोकसभा कर पेशावर की घटना की निंदा की गई।
इसी क्रम में गड़वार रोड स्थित आजाद मेमोरियल कान्वेंट स्कूल उमरगंज में पेशावर की घटना को लेकर प्रार्थना के बाद शोकसभा हुई। इसमें वक्ताओें ने इस घटना की तीखी भर्त्सना की।
इब्राहिमपट्टी संवाददाता के मुताबिक : क्षेत्र के किड़िहरापुर स्थित लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल बुढ़नापुर में भी पेशावर की घटना को लेकर शोक सभा हुई। इसमें शिक्षकों तथा छात्रों ने मारे गए छात्रों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की।