बलिया। जिला सहकारी बैंक के 44 वीं वार्षिक सामान्य निकाय की बैठक शनिवार को टाउन हॉल में हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने कहा कि सहकारी बैंको की दशा सुधारने के लिए प्रदेश को 403 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ हैं। जिससे हम प्रदेश की सहकारिता व कृषि उत्पादों को विश्व बाजार में स्थान दिलाएंगे। कहा कि प्रदेश का सहकारी बैंक बी श्रेणी से ए श्रेणी में पहुंच गया हैं। सहकारी बैंकों को कंप्यूटरीकृत कर इंटरनेट से जोड़ा जा रहा हैं। धान व गेहूं क्रय केंद्रों की व्यवस्था में सुधार व किसानों को समयान्तर्गत व उचित भुगतान करने की दिशा में कार्य कर रहा हैं। मंत्री ने कहा कि हम रात के आठ बजे तक बैंकों की शाखाएं चलाने के साथ ही माइक्रो एटीएम का संचालन करेंगे। सहकारिता मंत्री ने कहा कि गोदामों की क्षमता बड़ाई जा रही हैं। जिला सहकारी बैंक की प्रदेश में 50 शाखाएं हैं, जिसकी 1200 शाखाएं हैं। उत्तर प्रदेश को ऑपरेटिव बैंक की प्रदेश में 40 शाखाएं हैं। 7079 पैक्स हैं प्रदेश में हैं, जिसको चालू किया जा रहा हैं कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही हैं। प्रत्येक समिति में गोदामों का निर्माण किया जा रहा हैं। किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए सहकारी बैंकों को स्थापना की गई थी जो बीच मे गलत नीतियों के कारण भटक गए पुन: हम व्यवस्था में सुधार कर रहे हैं। व्यापारियों के साथ बैठक कर भी हम उनको सुविधाएं प्रदान करेंगे। इससे पूर्व मंत्री ने जिला सहकारी बैंक के नवनिर्मित मुख्य द्वार का लोकार्पण मुख्य अतिथि ने किया। बैठक को संबोधित करने वालों में मुख्य रूप से सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, नीरज शेखर, रविंद्र कुशवाहा, सकलदीप राजभर, विनोद दूबे, जय प्रकाश साहू, राजधारी सिंह, वाल्मीकि त्रिपाठी, कमलेश सिंह, अशोक पाठक, दिग्विजय सिंह, चंद्रशेखर सिंह, बच्चा सिंह, राजनाथ पांडेय, खड्ग बहादुर तिवारी, अनिल शुक्ल,आदि उपस्थित रहे।