बलिया। जिले में अब तक बने सामुदायिक शौचालयों की जांच कराई जाएगी। बताया जाता है कि कई सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है लेकिन भुगतान पूरा कर लिया है। इसे देखते हुए सीडीओ ने डीपीआरओ ने टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया है। इसको लेकर पंचायती राज विभाग में खलबली मची है।
जिले में स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को पिछले कई सालों में समय-समय पर शौचालय निर्माण के लिए धनराशि आवंटित की गई। इसके बावजूद अधिकांश गांव में कोई न कोई शौचालय से वंचित रह गया। इसके बाद व्यक्तिगत शौचालय आवंटन के स्थान पर गांवों में सामुदायिक शौचालय निर्माण का निर्देश दिया गया ताकि शौचालय की सुविधा से वंचित गांव के लोग इसका उपयोग कर सकें।
सरकार की ओर से इसके निर्माण के लिए राज्य वित्त, केंद्र वित्त तथा मनरेगा से धनराशि निर्धारित कर दी गई। करीब आठ माह पहले शुरू हुई इस योजना के तहत कई गांवों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण शुरू हुआ। हालांकि 940 गांवों के सापेक्ष 122 गांवों में ग्राम सभा की जमीन उपलब्ध न होने के कारण यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है। अब तक कुल 531 गांवों में अलग-अलग सामुदायिक शौचालय बने हैं। उधर, कई गांवों से सामुदायिक शौचालय निर्माण में मनमानी की शिकायतें भी सीडीओ को मिली हैं। इसको देखते हुए उन्होंने अब तक बने सभी सामुदायिक शौचालयों की जांच कराने के लिए डीपीआरओ को कमेटी बनाने का निर्देश दिया है। सीडीओ के इस निर्देश से सामुदायिक शौचालय निर्माण कराने वाले सचिवों में खलबली मची है।
अब तक बने सभी सामुदायिक शौचालयों की जांच कमेटी के जरिए कराई जाएगी। जहां कहीं कमी मिलेगी, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत कमेटी बनाने का निर्देश डीपीआरओ को दिया गया है। - प्रवीण वर्मा, सीडीओ, बलिया