एलर्जी की अनदेखी से बढ़ रहा खतरा
फिजिशियन डाक्टर पंकज झा ने बताया कि गले में खरास, नाक और आंख से पानी, बार-बार छींके आना और नाक में खुजली के साथ चकत्ते का बने रहना, साधारण सर्दी लंबे समय तक बने रहना, कभी-कभी बुखार एवं मांसपेशियों में दर्द आदि एलर्जी के लक्षण हैं। यदि इसका सही निदान न हो तो 80 फीसदी एलर्जी के रोगी अस्थमा के मरीज बन जाते हैं। इमरजेंसी में इन दिनों रोज 40 से 60 मरीज सांस फूलने व सीने की जकड़न की समस्या वाले आ रहे हैं।
रोग विशेष की सलाह पर दवा का करें सेवन
ठंड में नवजात बच्चों का विशेष ध्यान रखें। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके उपाध्याय ने बताया कि ठंड लगातार बढ़ रही है। बच्चों को हमेशा गर्म कपड़े पहनाएं। जुकाम को हल्के में न लेकर तत्काल चिकित्सक की सलाह पर दवा लेकर सेवन करें। मेडिकल स्टोर संचालक की सलाह पर एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन से सीने के जकड़न की समस्या होने पर हालत बिगड़ सकती है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही अस्थमा व निमानियां के मरीजों के लिए जानलेवा साबित होती है।