पिछले छह दिनों से सूर्य नहीं निकल रहा है। जिससे जिले में ठंड और शीतलहर का प्रकोप चरम पर है। पारा लुढ़कने के कारण ठंड से लोग बेहाल हैं और घरों में दुबके हैं। आवश्यक कार्य होने पर ही लोग बाहर निकल रहे हैं, जिससे सड़कों पर आवागमन भी कम रहा। बृहस्पतिवार की भोर में हल्की बूंदाबांदी होने के साथ ही दिन भर धुंध छाई रही। पूरे दिन धूप नहीं होने से गलनभरी ठंड से लोग परेशान रहे।
मौसम विभाग की वेबसाइट के अनुसार वृहस्पतिवार को जिले में अधिकतम तापमान 13 व न्यूनतम आठ डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज ऐसे ही रहने का अनुमान है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार और शनिवार को तापमान में कुछ और गिरावट हो सकती है, जिससे लोगों को परेशानी हो सकती है। मौसम के मिजाज में हो रहे निरंतर बदलाव से आमजन के साथ-साथ किसान भी परेशान है। खासकर सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में गिरावट के बीच बृहस्पतिवार की भोर में हुई बूंदाबादी ने सर्दी और गलन को और बढ़ा दिया। ऊपर से दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। इस बीच चली पछुआ हवा चलने से बढ़ी गलन भरी ठंड लोगों को बेहाल करती रही। नगर में जगह-जगह लकड़ी, टायर आदि जलाकर लोग शरीर को गरम करते रहे। गलन भरी ठंड से लोगों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है। बहुत जरुरी होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। घरों के अंदर भी लोग अंगीठी आदि का सहारा लेने को मजबूर हैं। ठंड का असर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। रोजाना भीड़भाड़ होने वाले स्थानों पर भी काफी कम लोग खरीदारी को जा रहे हैं। उधर, पड़ रही कड़ाके की ठंड का असर रबी के तिलहनी व दलहनी फसलों के साथ ही सब्जी की फसलों पर भी होने लगा है। आलू की फसल को बचाने के लिए किसान जहां लगातार छिड़काव कर रहे हैं। वहीं, मटर व अन्य सब्जियों के फल कम होने लगे हैं।
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सर्दी से रोडवेज परिसर में पसरा सन्नाटा
पिछले एक सप्ताह से तापमान में हो रही लगातार गिरावट का असर यातायात के साधनों पर भी देखने को मिल रहा है। गलन भरी ठंड से लोग यात्रा करने से बचते नजर आ रहे हैं, जिससे रोडवेज परिसर में भी सन्नाटा पसरा नजर आया। जबकि ट्रेनों की लेटलतीफी ने भी रेल यात्रियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी है।
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सर्दी के कारण कम यात्री आ रहे है, जिससे रोडवेज के संचालन और आय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
-अजय कुमार, एआरएम, बलिया डिपो।