कोहरे की तो चादर हट गई है, लेकिन हाड़कंपाऊ ठंड और गलन की वजह से लोग कांपने लगे हैं। आलम यह है कि शाम पांच बजे के बाद भी छोटे बाजार, चट्टी-चौराहे तथा सड़कों पर सन्नाटा पसर जा रहा है।
ऐसी ठंड में कुछ निजी एवं सरकारी विद्यालय चलने की वजह से बच्चे स्कूल जा रहे हैं। ऐसे में कई बच्चे ठंड की चपेट में आकर बीमार तक पड़ गए हैं, लेकिन विद्यालय संचालक तथा जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
मौसम की मार से दिहाड़ी मजदूर भी बेहाल हैँ। ऐसे में नगर तथा ग्रामीण क्षेत्र में अभी तक अलाव की कहीं कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
नगर में रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे, चौक, कचहरी, तहसील सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अलाव न जलने से आम नागरिक ठंड से मरने को विवश है। सड़कों की पटरियों पर जीवन यापन करने वाले लोग भी ठंड परेशान हैं। बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार शीतलहरी से ठिठुरन बढ़ गई है।
भगवान भास्कर के दर्शन के बाद दिन में कुछ हद तक तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन सुबह और शाम ठंड बढ़ जाने से लोग दिन ढलते ही घरों में दुबकने को विवश है।
भाजपा नेता अनिल राजभर ने प्रशासन से नगरीय और तहसील क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त अलाव जलाने की मांग की। साथ ही गरीबों बौर निराश्रितों को कंबल वितरित किए जाने की मांग की।