नरही गांव में अपनी व्यवस्था से जलाए गए अलाव से ठंड भगाने का प्रयास करते लोग।
- फोटो : BALLIA
बलिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद ग्रामीण इलाकों तक सरकारी कंबल और अलाव की चिंगारी तक नहीं पहुंच सकी। नगरीय इलाकों में कुछ सार्वजनिक स्थानों पर फोटो खिंचवाने तक ही कंबल वितरण सिमट कर रह गया है। शासन ने ठंड को देखते हुए प्रत्येक तहसील को कंबल उपलब्ध कराए हैं, जो गरीब और असहायों के बीच बांटा जाना है। इसके अलावा, प्रत्येक तहसील को अलाव जलाने के लिए भी 50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है लेकिन कड़ाके की ठंड के बावजूद अधिकांश इलाकों में न तो कंबल वितरण हुआ और न ही अलाव जले हैं। बताया जाता है कि हर साल कंबल वितरण और अलाव जलवाने के मद में मिली धनराशि का गोलमाल किया जाता है। ठंड शुरू होते ही शासन के निर्देश पर जिले में कुल 9375 कंबल की खरीद की गई और इसे सभी तहसीलों को उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा, सभी तहसीलों को अलाव जलाने के लिए 50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है लेकिन कड़ाके की ठंड के बावजूद अधिकांश गांवों तक न तो कंबल पहुंच सका और न ही कहीं अलाव ही जल सके हैं। नगर क्षेत्र के अलावा जहां-तहां प्रशासनिक अधिकारियों ने गरीबों को कंबल जरूर बांटा, लेकिन यह कोरम पूरा करने तक ही रह गया। बैरिया तहसील में 1500 कंबल आया है, लेकिन सूत्रों की माने तो लेखपालों की सूची के अलावा जनप्रतिनिधियों की भी सूची तहसील में पहुंची है। ऐसे में कंबल सिर्फ 1500 और सूची में लोग अधिक हो जा रहे हैं। इससे पात्र अपात्र की टैली कर सामंजस्य बनाने की कोशिश की जा रही है। अभी वितरण नहीं हुआ है। नरहीं विकास खंड सोहांव में कहीं भी अलाव जलाने की व्यवस्था नहीं की गई है। अधिकांश गांवों में कंबल भी नहीं बंटे हैं। जयप्रकाश नगर क्षेत्र में न अलाव की व्यवस्था हुई है ना ही कंबल वितरण ही शुरू हुआ है। बांसडीह रोड क्षेत्र में जिला प्रशासन की ओर से कंबल वितरण नहीं किया गया है। गरीब सरकारी कंबल की आस लगाए हैं। कहीं भी सरकारी अलाव नहीं जल रहा। सुखपुरा क्षेत्र में न तो कहीं अलाव जल रहा है, न ही कहीं कंबल वितरण ही देखने को मिला। इस बाबत राजस्व निरीक्षक विश्राम यादव ने बताया कि लेखपाल अपने-अपने गांव में कंबल का वितरण करेंगे। रसड़ा में कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर के अलावा ग्रामीण अंचलों में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। न ही किसी गांव में कंबल ही वितरित किया गया। दया छपरा क्षेत्र में अभी तक न सरकारी कंबल बंटा है और न ही कहीं तहसील प्रशासन की ओर से अलाव ही जलवाए गए हैं। फेफना क्षेत्र में ठंड से निजात पाने के लिए कहीं भी सरकारी अलाव की व्यवस्था नहीं है। रेवती नगर पंचायत की ओर से अलाव की व्यवस्था की गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तहसील प्रशासन की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। बांसडीह तहसील प्रशासन की ओर से नगर सहित ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थानों पर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं नजर आ रही है। कंबल का वितरण भी कहीं नहीं हुआ है। चिलकहर क्षेत्र में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है और न ही कंबल का वितरण किया गया है। प्रतिवर्ष लेखपाल और कानूनगो की मिलीभगत से कंबल वितरण के नाम पर एक दो गांव में फोटो खिंचवा कर गोलमाल कर दिया जाता है। बेल्थरा रोड में ठंड से बचाव के लिए नगरीय क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रमुख स्थानों पर प्रशासन की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की गई है। तहसीलदार जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 1500 कंबल तहसील को मुहैया कराया गया है, जिसका वितरण शुरू हो गया है।