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75 परिवार कड़ाके की ठंड में जीवन बसर करने को मजबूर

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ठंड से बचाव के लिए अलाव पर हाथ सेंकते बीएसटी बंधे पर शरण लिए कटान पीड़ित परिवार तथा उनके बच्चे। - फोटो : BALLIA
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जयप्रकाशनगर। करीब सात वर्षों से विकास खंड मुरली छपरा क्षेत्र के इब्राहिमाबाद नौबरार (अठगावा) पंचायत के करीब 75 परिवार कड़ाके की ठंड और शीतलहरी के बीच दिन बीता रहे हैं। इनके पास बस आग ही एक सहारा है। इस ठंड से राहत के लिए खुद लकड़ियां बिनकर अलाव जलाते हैं। बीएसटी बांध पर बिहार सीमा के सिताबदियारा और यूपी सीमा के इब्राहिमाबाद नौबरार के कटान पीड़ितों को 2014 से अन्यत्र बसाने का आश्वासन मिल रहा है, लेकिन इन्हें ठिकाना उपलब्ध नहीं हो सका। इस कड़ाके की ठंड में सड़क पर हर घर के आगे अलाव की व्यवस्था कर घर के बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं उसी के सहारे इस कड़ाके की ठंड से निजात पा रहे हैं। रामचंद्र पासवान, शिवनाथ पासवान आदि ने बताया कि दिनभर सड़क पर विभिन्न वाहनों से खतरा और रात में जीव-जंतुओं सहित यह ठंड चैन की नींद सोने नहीं देती। उससे आगे सड़क पर ही कांपते मिले नन्हक चौधरी, जिनकी उम्र लगभग 80 वर्ष है। पूछने पर कहा कि बबुआ हमनी के पास का बा, जवन रहे उ सब भी सरयू ले लेहली, पांच बरिस से इहां दिन काटत बानी जा, सरकार के लोग कब तक इंतजार कराई, कुछ समझ में नईखे आवत। सिताबदियारा के रामेश्वर टोला में वर्ष 2014 के घाघरा कटान में अपना सब कुछ गंवा चुके एक दर्जन पासवान परिवार भी इसी बांध पर इस कड़ाके की ठंड में अपना दिन काट रहे हैं। पासवान परिवार में भूटेली पासवान नंदजी पासवान, रामजी पासवान, लक्ष्मण पासवान, बमबम पासवान अशोक पासवान, मंदोदरी देवी, अभिराख पासवान आदि ने बताया कि हम बिहार सीमा के सिताबदियारा के निवासी हैं, किंतु यूपी के बांध पर सड़क किनारे अपना गुजर-बसर पांच वर्षों से कर रहे हैं। इंतजार करते इतना समय बीत गया लेकिन सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
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