बलिया। जनपद में गलन भरी ठंड और कोहरे से जन जीवन परेशान हो गया है। थोड़ी सी लापरवाही सांस, अस्थमा, हृदयरोगी और एलर्जी से ग्रसित लोगों पर भारी पड़ रही है। इमरजेंसी वार्ड गंभीर मरीजों से फुल होने के बाद मेडिकल वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। वहीं, खांसी की सिरप नहीं मिलने से परेशानी बढ़ी हुई है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में मंगलवार को विभिन्न बीमारियों से परेशान 1206 मरीज इलाज कराने पहुंचे। फिजिशियन, बालरोग व आर्थो सर्जन की ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ रही। थोड़ी सी लापरवाही पर सर्दी, जुकाम व खांसी हो जा रही है। इन दिनों ड्राई खांसी का सिरप नहीं मिल रहा है। चिकित्सक जेनरिक सिरप की जगह ब्रांडेड कंपनी का सिरप लिख रहे है। जो मरीजों के जेब पर भारी पड़ रहा है। इलाज के लिए आने वाले मरीजों को डॉक्टर इलाज के साथ ठंड को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डा. मनोज कुमार ने बताया की इस मौसम में वायरस और बैक्टीरिया ज्यादा पनपते हैं। ठंड में लापरवाही बरतने से लोगों की दिक्कत बढ़ जाती है। सुबह टहलना खतरनाक हो सकता है। हाई बीपी शुगर और हृदय रोगियों को ठंड में परहेज करने की जरूरत है। बुजुर्गो को जोड़ों में दर्द की परेशानी से बचने के लिए गर्म पानी से सेकाई व गर्म पट्टी बांधे। थोड़ी सी परेशानी होने पर लापरवाही न बरत तत्काल चिकित्सक की सलाह पर दवा का सेवन करे। लापरवाही जानलेवा हो सकती है।
ठंड के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में दवाएं पर्याप्त रूप से मौजूद है। ड्राई कफ सिरप की जगह एटीबायोटिक टैबलेट दिया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए वार्डों में रूम हीटर लगाए गए हैं। - डॉ.वीके सिंह, प्रभारी सीएमएस, जिला अस्पताल।