बेल्थरारोड। लोकतंत्र सेनानी संगठन के प्रदेश महासचिव चंद्रभान भयंकर ने पेपर लीक मामले में पत्रकारों को फंसाने की निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अपनी नाकामी छिपाने के लिए सत्य को उजागर करने वाले पत्रकारों का दमन कर रहा है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज के दर्पण हैं। समाज में हो रहे अच्छाई बुराई को जनता व शासन प्रशासन को वस्तुस्थिति से अवगत कराने में पत्रकारों की अहम भूमिका है, लेकिन पत्रकारों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई सर्वथा अनुचित है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के मनमाने निर्धारण में नकल माफियाओं, शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इनके खिलाफ कोई कार्रवाई न कर प्रशासन पत्रकारों को बलि का बकरा बना कर परीक्षा की शुचिता को लेकर अपनी पीठ खुद थपथपा रहा है। जबकि अधिकारी नकल के खेल में पूरी तरह शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हकीकत से वाकिफ होने के बावजूद शासन ने इस मसले पर चुप्पी साध ली है। जो चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जब भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात करने का दुस्साहस किया गया, उसे मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने शासन प्रशासन के रवैए की तीखी आलोचना करते हुए पत्रकारों के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। कहा, बागी बलिया की धरती से निकली चिंगारी की आंच से कोई बच नहीं सकता। उन्होंने सरकार से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर कलमकारों को बाइज्जत बरी करने की मांग की, ताकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन हो सके।