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बंद रहे अस्पताल, मरीजों की फजीहत

Fri, 08 May 2015 10:59 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उप्र के आह्वान पर शुक्रवार को जनपद के निजी अस्पताल और क्लीनिक बंद रहे। इसके चलते मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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निजी अस्पतालों में इलाज न होने पर मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। इसके चलते सरकारी अस्पताल में अधिक मरीज आए। प्रतिदिन की अपेक्षा करीब 30 फीसदी मरीजों का लोड बढ़ गया। इससे सरकारी डाक्टर और कर्मचारी पूरे दिन परेशान रहे। हालांकि सरकारी चिकित्सकों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर आईएमए की मांगों का समर्थन किया।

प्रशासनिक उपेक्षा, डाक्टरों और अस्पतालों की सुरक्षा समेत अन्य कई मांगों को लेकर चिकित्सकों ने एक दिवसीय
धरना दिया और नर्सिंग होम बंद किया।

इस कारण मरीजों को जिला चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय की शरण लेनी पड़ी। आलम यह रहा कि इमरजेंसी और ओपीडी में प्रतिदिन की अपेक्षा 30 फीसदी अतिरिक्त लोड बढ़ गया।
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इससे चिकित्सक व कर्मचारी हांफते नजर आए। बैरिया से आईं विमला देवी ने बताया कि नर्सिंग होम बंद होने से परेशान हुईं लेकिन जिला अस्पताल खुले होने के कारण राहत मिली।

दोकटी की सुनीता देवी, चंदवार के मोहन सिंह, नगरा के सोहन लाल ने बताया कि अगर जिला अस्पताल नहीं खुला होता तो काफी परेशानी झेलनी पड़ जाती लेकिन सब कुछ सामान्य रहा।
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इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डा. पीके सिंह गहलोत, सचिव आरबी गुप्ता, डा. जीसी उपाध्याय, डा. अशोक सिंह, डा. अजीत सिंह, डा. विनोद सिंह आदि मौजूद रहे।
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