नगर के जगदीशपुर तिराहा पर लगे जाम फंसी एंबुलेंस।
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बलिया। एक बार फिर जाम ने सोमवार को शहर की रफ्तार रोक दी। जाम में स्कूली बसें फंसने के कारण बच्चे परेशान होते रहे। फ्लाईओवर पर जाम में कई एंबुलेंस भी फंसी दिखीं। भीड़ में उनके सायरन गूंजते रहे, लेकिन जाम था कि खुलने का नाम नहीं ले रहा था। पूरे दिन वाहन रेंग-रेंगकर निकलते रहे। जाम खुलवाने और वाहनों को निकलवाने में पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर बाद लोगों को कुछ राहत मिली।
शहर में जाम लगना कोई नई बात नहीं है। ऊपर से सोमवार का जाम और ज्यादा होता है। सोमवार सुबह से ही सड़कों पर वाहनों की भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। छुट्टी के बाद सरकारी कार्यालयों के खुलने पर लोग अपना काम कराने के लिए शहर में पहुंचने लगे। मुख्य मार्गों के किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों से भीषण जाम लग गया। अधिकतर लोग अपनी लाइन तोड़ इधर-उधर से निकलने की कोशिश में लग गए, जिससे जाम ने विकराल रूप धारण कर लिया। बहादुरपुर से जिला अस्पताल तक, कदम चौराहा से लेकर माल्देपुर तक जाम में जकड़ा रहा। मालगोदाम रोड, चौक, मिड्ढी मोड़, टीडी कालेज चौराहा, चित्तू पांडेय चौराहा, फ्लाइओवर, जिला अस्पताल गेट आदि पर लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं। जिला अस्पताल गेट से लेकर, फ्लाईओवर और चित्तू पांडेय चौराहे पर फंसी एंबुलेंस में मरीज काफी देर तक कराहते रहे। जाम में फंसे लोग अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए गलियों से होकर निकलने की जुगत में लगे रहे। हालांकि उनकी इन कोशिशों को सफलता नहीं मिली।
जाम से निजात के लिए प्रयास प्रभावहीन
पुलिस की ओर से शहर में जाम से निजात के लिए की मार्गों पर वन-वे व्यवस्था भी की गई है, लेकिन ये हर समय धराशायी ही नजर आती है। यातायात पुलिस को भी इसकी चिंता नहीं रहती है। इसलिए यह भीषण जाम का कारण बनती है। पूरे शहर की सड़कें जाम के चलते सिकुड़ चुकी हैं। कौन किधर से निकल जा रहा है, कोई रोकने और टोकने वाला नहीं।