बलिया। रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखने के मामले में जिला पुलिस के साथ आरपीएफ आरोपियों की तलाश में लगी है। रेलवे की अपराध खुफिया शाखा (सीआईबी) भी मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। जिस तरह से देश के अलग-अलग स्थानों पर कुछ दिनों से रेल ट्रैक पर सिलिंडर, लोहे की राॅड, स्लीपर, पत्थर, लकड़ी रखकर ट्रेन को दुर्घटनाग्रस्त करने की साजिश रची जा रही है, उसको देखते हुए केंद्रीय व स्थानीय खुफिया एजेंसियां गोपनीय तरीके से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां देश विरोधी गतिविधियों व बाहरी लिंक की जांच कर रही है। सीआईबी छपरा व वाराणसी की टीम दो दिनों से घटनास्थल व आसपास के गांवों में छानबीन कर रही है।
मांझी रेल पुल के पास ट्रैक पर पत्थर रख कर लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस को पलटने की साजिश नाकाम होने के बाद रेलवे कर्मचारी, आरपीएफ व जिला पुलिस ने रेलवे ट्रैक की निगरानी बढ़ा दी है। महत्वपूर्ण ट्रेनों राजधानी, स्वतंत्रता सेनानी, सद्भावना एक्सप्रेस सहित अन्य के आवागमन के दौरान विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके लिए आरपीएफ ग्रामीणों से भी मदद ले रही है। गांवों के सभ्रांत, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, जवानों व युवाओं से देशहित में सहयोग करने की अपील की है। इसका फायदा भी मिल रहा है। ट्रैक पर पत्थर रखने मामले की जांच उपनिरीक्षक सौरभ सिंह कर रहे हैं। वह घटना के दिन आसपास मौजूद लोगों की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं। पुल के दोनों तरफ के सरयू नदी के तटवर्ती गांवों में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है।
सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक
बलिया। रेल ट्रैक से दूरी बनाने के लिए आसपास रहने वाले लोगों को आरपीएफ जागरूक कर रही है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त वाराणसी एस रामाकृष्णन के आदेशानुसार प्रभारी निरीक्षक आरपीएफ बीके सिंह, उप निरीक्षक जयेंद्र कुमार मिश्र जवानों संग शहर के बहेरी, काजीपुरा क्राॅसिंग के पास रहने वाले लोगों को गेट से आने जाने वाले व्यक्तियों को रेलवे ट्रैक से छेड़छाड़ न करने, बच्चों को ट्रैक पर न जाने देने और ट्रैक पर पत्थर या लोहा, लकड़ी न रखने के लिए जागरकि किया। कहा कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी न करे, बंद रेलवे फाटक को पार न करें। ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकरी है। इसको लेकर पंफलेट भी बांटे गए। संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु रेलवे लाइन के किनारे दिखने पर पुलिस हेल्प लाइन नंबर 112 व रेलवे हेल्प लाइन नंबर 139 पर सूचना देने के लिए कहा गया।