बलिया/चितबड़ागांव। पांच वर्ष से चल रहे चितबड़ागांव सीएचसी का निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है। पिछले तीन साल से शासन से धनराशि नहीं मिलने के कारण इमारत का निर्माण कार्य रुक गया था। अब शासन की ओर से परियोजना के लिए शेष बचे 1.28 करोड़ की धनराशि जारी कर दी गई है। इससे सीएचसी का निर्माण पूरा होने की उम्मीद जगी है।
चितबड़ागांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए जनवरी 2017 में 5.09 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी। स्वीकृति के साथ पहली किस्त में 2.46 करोड़ की धनराशि जारी की थी। उश्रौली गांव और बरैया पोखरे के बीच में इसका निर्माण शुरू हुआ था। अक्तूबर 2019 में इसके निर्माण की लागत बढ़कर 5.57 करोड़ हो गए। इसे स्वीकृति देते हुए शासन की ओर से दो करोड़ की धनराशि और दी गई। इससे इमारत का निर्माण लगभग पूरा कर लिया गया। फर्श, प्लास्टर और फीनिशिंग के काम रुक गए थे। इसके बाद से शासन की ओर से किसी कारण वश शेष बची धनराशि रोक ली गई। इससे निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया। सीएचसी का निर्माण उसी वित्तीय वर्ष में पूरा कर उसे हैंडओवर करना था। सीएचसी का निर्माण पूरा नहीं होने से नगर पंचायत के लोग आज भी न्यू पीएचसी पर इलाज के लिए आश्रित है। गंभीर होने पर उन्हें जिला मुख्यालय या नरही सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ती है। अब शासन की ओर से शेष बची 1.28 करोड़ की धनराशि और जारी कर दी गई है। इससे अधूरे पड़े सीएचसी का निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। सीएचसी प्रभारी नरहीं डॉ. साकेत बिहारी ने बताया कि किसी कारण से कार्यदायी संस्था की पेमेंट रुक गई थी। इससे निर्माण रुक गया था। सीएचसी का निर्माण पूरा होने से नगर पंचायत के अलावा आसपास के गांवों के हजारों लोगों को अच्छे इलाज की सुविधा मिलेगी।
पेमेंट रुकने के कारण चितबड़ागांव सीएचसी का निर्माण रुका था। अब धनराशि जारी हुई है। जल्द निर्माण पूरा करा लिया जाएगा। - डॉ. जयंत कुमार, सीएमओ