भारत-पाकिस्तान के बीच उभरे मतभेद के बाद पाकिस्तान के पक्ष में चीन के खड़े होने से लोगों में काफी नाराजगी है। लोग चीन के बने सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। इसका असर दूकानों में दिखने लगा है। चीन को सबक सिखाने के लिए जनपद में भी विभिन्न वर्गों ने इसकी मुहिम छेड़ रखी है। विभिन्न कार्यक्रमों और आयोजनों के तहत चाइनीज सामान की खरीदारी नहीं करने का संकल्प भी लिया जा रहा है।
इसका असर बाजार में भी दिखने लगा है। व्यापारियों की माने तो इस बार नवरात्र और दशहर में चाइनीज सामानों की बिक्री में करीब 40 फीसदी की गिरावट आयी है। लोगों ने चाइनीज के बजाय स्वदेशी कंपनियों के निर्मित उत्पादों को तवज्जो दिया, इसको लेकर चाइनीज सामान बेचने वाले दूकानदार खासे परेशान हैं।
व्यापारियों ने बताया कि दशहरा और दीवाली को लेकर चाइनीज सामान का खासा स्टाक किया गया था। अचानक लोगों में चाइनीज सामान को लेकर आ रहे बदलाव से सकते में आ गए हैं। ऐसे में कुछ दूकानदारों ने जो दीपावली पर चाइनीज सामान मंगाने वाले थे, अब वह अपनी धारणा धीरे-धीरे बदलने लगे हैं। वहीं कुछ दूकानदारों ने पहले के आर्डर को भी कैंसिल कराना शुरू कर दिया है। नगर में कुछ ऐसी दूकानें थी जो सिर्फ चाइनीज सामान जैसे मोबाइल, झालर, बल्ब, एलईडी आदि बेचती थीं, अब ऐसी दूकानों में देश की कंपनियों के सामान दिखने लगे हैं।