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वाराणसी डिवीजन ने स्टैंड संचालक के विरुद्ध जांच के दिए आदेश

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बलिया। 26 जून को अमर उजाला में प्रकाशित रेलवे परिसर में वाहन स्टैंड के ठेकेदारों एवं कारिंदों द्वारा यात्रियों और तिमारदारों से की जा रही अवैध वसूली और मारपीट के मामले को रेलवे के वाराणसी डिवीजन गंभीरता से लिया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के युवा जिलाध्यक्ष प्रदीप रस्तोगी के ट्वीट पर वाराणसी डिवीजन ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है।
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रेलवे स्टेशन के उत्तर दिशा स्थित महुआ मोड़ की तरफ विश्वजीत सिंह का तीन व चार पहिया वाहन स्टैंड का ठेका है। रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा यानि मुख्य गेट की ओर जयप्रकाश मिश्रा का दो, तीन व चार पहिया वाहन स्टैंड का ठेका हैं। सर्कुलेटिंग एरिया का ठेका नहीं है। इसका वाहन शुल्क मुख्य वाणिज्य विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है। दोनों वाहन स्टैंडों के ठेकेदार अपने कारिंदों से रेलवे परिसर में यात्री या तीमादार के वाहन प्रवेश करते ही वाहन शुल्क निर्धारित शुल्क से अधिक जबरिया काटते हैं। अगर किसी यात्री उसके परिजनों ने विरोध किया तो ठेेकेदार व उसके कारिंदें उनको गाली गलौज देते हुए लाठी डंडे से पिटाई कर घायल कर देते हैं। रेलवे परिसर के उत्तर दिशा में दो पहिया वाहनों का कोई ठेका नहीं। बावजूद ठेकेेदार के कारिंदे बाइक सवारों से जबरिया वाहन शुल्क वसूलते हैं। दक्षिण दिशा स्थित वाहन स्टैैंड पर दो पहिया वाहन का 10 रुपया निर्धारित है। वसूली 15 से 20 रुपए की जाती है। वाहन शुल्क को लेकर कई बार वाहन स्वामियों व ठेकेदारों के कारिंदों के बीच मारपीट भी हो गई है। बावजूद वाणिज्य विभाग, स्टेशन अधीक्षक व आरपीएफ मौन रहती है। इससे ठेकेदारों का हौसला बुलंद रहता है। इसे अमर उजाला प्रमुखता से प्रकाशित किया तो वाराणसी डिवीजन ने गंभीरता से लेते हुए मामले की जांचकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देेश दिया है।
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