नरही। करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। डॉक्टरों के नहीं रहने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। मरीज नहीं समझ पा रहे हैं कि करें तो क्या करें। यहां छह चिकित्सकों की तैनाती है लेकिन आए दिन अस्पताल पर डॉक्टर गायब रहते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही पर 30 बेड का इंतजाम है। लेकिन जो भी मरीज आते हैं उन्हें सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर आनंद कुमार का तबादला तो कर दिया गया है लेकिन किसी को प्रभार नहीं दिया गया है और इस समय यह अस्पताल अधीक्षक विहीन बना हुआ है। सीएचसी पर डॉ. जयंत राय, डॉ. मेघा राय, डा.ॅ मंडल, डॉ. ब्रज कुमार, डॉ. पंकज की तैनाती है लेकिन आए दिन डॉक्टरों की समस्या बनी रहती है। डॉ. साकेत बिहारी तीन माह पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यभार संभालने के बाद आज तक अस्पताल पर नहीं दिखे। इस अस्पताल पर राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी द्वारा दो बार धरना भी दिया जा चुका है लेकिन यहां कोई सुधार नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में एक्सरे मशीन है जिसमें जंग लग रहा है यदि इस अस्पताल पर मरीजों का सुचारु रुप से इलाज होता तो जिला चिकित्सालय जाने की नौबत नहीं आती।