बलिया। अखिल भारतीय किसान सभा की ओर से नगवा गांव में शनिवार की शाम को चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कृषि कानूनों के वापसी की मांग की। कहा कि दिल्ली बार्डर पर आंदोलित किसानों की मांगों का सरकार मजाक उड़ा रही है।
कहा कि देश की जीडीपी शून्य से काफी नीचे जा चुकी है, व्यापार घाटा बढ़ गया है, बेरोजगारी बढ़ रही है, मजदूर भूखों मरने के लिए विवश हैं, नौजवान निराश होकर आत्महत्या कर रहे हैं, किसान कर्ज से तबाह होकर फांसी लगा रहे हैं, शिक्षा चौपट हो गई, कोरोना महामारी से तबाही मची हुई है। ऐसी विकट स्थिति में सरकार ने किसानों की मांगों की अनसुनी करती हुई रेल, वायुयान, बीमा, बैंक, खेती आदि बेचने का मन बना लिया है। सरकार की किसान विरोधी नीतियों से पूंजीपतियों को लाभ हो रहा है। कृषि कानून की वापसी की मांग करते हुए आंदोलनकारी किसानों के साथ एकजुटता दिखाई गई। चौपाल में कमलाशंकर ओझा, तेजनारायण, अशोक कुमार पांडेय, परमात्मानंद राय, रविंद्र सिंह, जिउत, रमाशंकर पाठक, अवध बिहारी ओझा, रमाशंकर पाठक, शंकर चौधरी, रूपेश कुमार पाठक, छितेश्वर पासवान, आर्यन पाठक, बब्बन चौधरी, इजलत अली, बच्चा शाहनी आदि रहे।