दर्जनों लोग घायल
इसके बाद वहां कहासुनी होने लगी। एक पक्ष डीजे बंद करने के लिए कहने लगा तो दूसरे पक्ष ने मना कर दिया। इसके बात को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट होने लगी। देखते ही देखते पूरा पांडाल अखाड़े में तब्दील हो गया। मारपीट में दोनों पक्ष के दर्जनों लोग घायल हो गए।
मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनकर बवाल को देखती रही। घंटों बाद इसकी सूचना पाकर सीओ बांसडीह प्रभात कुमार पूरे सर्किल की फोर्स लेकर पहुंचे। इसके बाद आयोजकों ने रावण का पुतला दहन करने से मना कर दिया। दूसरे पक्ष पर एफआईआर दर्ज करने की मांग करने लगे।
पुलिस उन्हें समझाने में लगी रही। रविवार सुबह चार बजे तक बवाल चलता रहा और पुतला दहन रुका रहा। जब पुलिस ने देखा कि दोनों पक्ष किसी तरह से मानने को तैयार नहीं है तो अंततः बल का प्रयोग किया। बवाल मचा रहे 17 लोगों को बल प्रयोग कर उठा लिया और कोतवाली लेते आई।
पुलिस ने भोर में दहन कराया रावण का पुतला
पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से भोर में रावण का पुतला दहन करा दिया। गांव में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस ने एक पक्ष के नवीन सिंह की तहरीर पर 13 नामजद व अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दूसरे पक्ष के उमेश तिवारी की तहरीर पर सहतवार चेयरमैन प्रतिनिधि गुड्डू सिंह सहित 13 नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में काफी तनाव का माहौल है। मौके पर हल्दी, सिकंदरपुर, रेवती सहित कई थानों की फोर्स लगी हुई है।
इस संबंध में सीओ बांसडीह प्रभात कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रकरण से जुड़े किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं नीरज सिंह गुड्डू ने कहा कि घटना के समय मैं मंच से हट गया था। राजनीति के कारण मेरा नाम इसमें जोड़ा गया है।