जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में भोजपुरी के विख्यात कलाकार विरेंद्र सिंह धुरान के नाम पर शोध/
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बलिया। वीरेंद्र सिंह ‘धुरान’लोक संस्कृतिक सेवा संस्थान का एक प्रतिनिधि मंडल जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर कल्पलता पांडेय से मिला और धुरान के नाम पर शोध/ अध्ययन केंद्र खोले जाने की मांग की। जिस पर कुलपति ने आश्वासन दिया कि विश्वविद्यालय में संगीत विभाग व भोजपुरी विभाग खोलकर %धुरान% जैसे कलाकरों को महत्वपूर्ण स्थान दिलाया जाएगा। ईश्वरदत्त पांडेय ने बताया कि %धुरान% भोजपुरी के नारदीय शैली एवं चैता गायन के पितामह थे। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर अध्ययन एवं शोध होना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में ग्रामप्रधान विजयप्रताप सिंह, रामदहिन भारती बाबा, अजय प्रताप सिंह,बंटी पांडेय, अनुज सिंह, विनायक शरण सिंह, राकेश सिंह, उपेंद्र सिंह, आकाश सिंह, सुभाष राम, ध्रुव नारायण सिंह, मनोज चौबे, उपेंद्र यादव, अम्बूज सिंह, अंशु सिंह, अश्वनी, आकाश रावत, दुष्यन्त सिंह, तारकेश्वर ठाकुर, सुरेंद्र सिंह, मुक्तेश्वर दुबे, विजय पाठक, मार्कण्डेय गुप्ता, बालवेन्द्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहें।