चिलकहर। केंद्र व प्रदेश की सरकार ने मजदूरों को गुलामी की जंजीरों से जकड़ कर रख दिया है। कोरोना के नाम पर गैर प्रांतों में अफरातफरी मचा के लोगों को उनके घर वापसी करने पर प्रवासी का उपनाम देकर समाज में अलग-थलग कर दिया है। क्वारंटीन सेंटरों पर अपने स्वयं के खर्चे पर रहे लोगों की सूची तक प्रशासन के पास नहीं है। ये बातेें सपा नेता पूर्व मंत्री सनातन पांडेय ने रविवार को पांडेयपुर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कहीं।
कहा कि सरकार जुमलेबाजी से नहीं चलती है लेकिन इस देश व प्रदेश का दुर्भाग्य है कि लोग जुमलेबाजी के आगे विकास कार्य को भूल जाते हैं। प्रदेश सरकार में नोएडा से लेकर बलिया तक स़ड़कें टूट रही हैं। स्वास्थ्य सेवायें चरमरायी हुई हैं और मजदूर भूखमरी पर खड़ा है। बड़ी से बड़ी फैक्ट्रियों में ताले लग रहे हैं, लेकिन देश व प्रदेश के खेवनहार कह रहे हैं कि देश तरक्की कर रहा है।
उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समाज को दिशा व दबे कुचले लोगों की आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचाने वाले अपने कर्तव्यों से विमुख होकर सरकार की जुमलेबाजी में शरीक होकर रह गया है। कोरोना वायरस में सरकार मदद करने के नाम पर कर्ज देकर लोगों को बदहाल कर रही है। कहा कि जरूरत इस बात की है कि बेरोजगार को रोजगार मुहैया कराया जाय व कर्ज में डूबे लोगों को कर्ज न देकर उन्हें कर्ज मुक्त किया जाय।