बैरिया। यूपीएससी की आल इंडिया टॉपर शक्ति दुबे मूल रूप से बलिया जिले की दोकटी थाना क्षेत्र के रामपुर मुतलके बाजिदपुर की निवासी हैं। उनके सेलेक्शन से गांव में जश्न का माहौल है। परिजनोंं ने मिठाई भी बंटवाई है। एक दूसरे के गले लगकर खुशी का इजहार भी किया।
बैरिया तहसील में रजिस्टार पद से सेवानिवृत्त और शक्ति दुबे के बड़े पिता राम कृष्ण दुबे ने बताया कि शक्ति दूबे ने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की है। शक्ति का जन्म 1996 में गांव में ही हुआ था। उसने कक्षा एक से 12 वीं तक की शिक्षा सेंट मैरिज कान्वेंट स्कूल, घूरपुर, प्रयागराज से की है। बीएससी की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय और एमएससी की पढ़ाई बीएचयू, वाराणसी से क। शक्ति की मां प्रेमा देवी गृहिणी हैं। यूपीएससी की परीक्षा में अव्वल आने पर शक्ति के पैतृक गांव में जश्न का माहौल है।
उन्होंने बताया कि देवेंद्र दुबे चार भाइयों में सबसे छोटे हैं। दूसरे नंबर के भाई भरत दूबे किसान हैं, जबकि तीसरे नंबर के भाई अरुण दूबे सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद प्रयागराज में रहते हैं। चाैथे भाई देवेंद्र की तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी प्रगति और तीसरे नंबर की बेटी क्षमा दूबे भी यूपीएससी की तैयारी कर रही हैं। बेटा आशुतोष दूबे एमसीए कर रहे हैं।
बीस वर्ष से प्रयागराज में रहता है परिवार
शक्ति दुबे के पिता देवेंद्र कुमार ने बताया कि करीब 20 वर्ष से वह परिवार के साथ प्रयागराज में रहते हैं। इसी वजह से शक्ति की पढ़ाई-लिखाई प्रयागराज में हुई है। शक्ति बचपन से ही तेज तर्रार थी।
छह माह पहले गांव आई थीं शक्ति
शक्ति दुबे के पिता देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि उनका गांव आना-जाना लगा रहता है। छह महीने पहले ही गांव गए थे, तब शक्ति भी उनके साथ गांव आई थी। शक्ति को गांव का माहौल अच्छा लगता है। इसलिए जब भी उसके पास समय रहता, वो मेरे साथ गांव आया-जाया करती है।
शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव में आता है पूरा परिवार
शक्ति दुबे के पैतृक गांव रामपुर मुतलके बाजिदपुर में स्थित उनके घर पर एक शिव मंदिर है, जिसका वार्षिकोत्सव जून में मनाया जाता है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य गांव आते हैं। देवेंद्र ने बताया कि जून में भी परिवार के सभी सदस्य गांव आएंगे।