बलिया। शहर में अमृत योजना के तहत सीवर हाउस कनेक्शन कार्य में बरती गई अनियमितता के मामले में पुलिस ने जल निगम के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता कमलेश सिंह, अलाउद्दीन खां, कायम हुसैन, एई अनंदिता शुक्ला, बीके जायसवाल, एसएन राय, स्वामीनाथ, अभिषेक वर्मा, जेई अमन कुमार, अश्वनी कुमार, अंशू राय, आदित्य कुमार, अमरनाथ चौधरी, अनेश कुमार, लेखाकार नागेश्वर प्रसाद, पंकज सिंह, गोपालजी सिंह, रवि गिरी पर संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
नगर पालिका बलिया में वर्ष 2006 में सीवरेज निर्माण की आधारशिला रखी गई थी। अनियमितता के कारण 17 वर्ष बाद भी शहर में योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। उसके पीछे अधिकारियों का भ्रष्टाचार प्रमुख कारण रहा। शासन द्वारा मिले धन को समय-समय पर बंदरबांट किया गया।
एक्सईएन अंकुर श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में उल्लेख किया है कि सीवर लाइन हाउस कनेक्शन कार्य के अन्तर्गत पूर्व में कराए गए कार्यों में की गई अनियमितताओं की जांच हेतु प्रबंध निदेशक उप्र जल निगम (नगरीय), लखनऊ के कार्यालय द्वारा 31 मई 2023 द्वारा जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति द्वारा 16 अगस्त को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई।
योजना के अंतर्गत प्रथम किश्त के रूप में 6.58 करोड़ रुपये की धनराशि निर्गत की गई थी, जिसके सापेक्ष योजना के अंतर्गत 1612.97 लाख का भुगतान फर्मों को किया जा चुका है। 1042.37 का भुगतान अन्य योजनाओं से फंड डायवर्जन किया गया है। किसी सक्षम स्तर से स्वीकृति के संबंध में कोई अभिलेख नहीं मिला। कार्यों की गुणवत्ता नियंत्रण हेतु टेस्ट रिपोर्ट आदि नहीं मिली। जांच में भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें कुल 4281 सीवर हाउस कनेक्शन के सापेक्ष 2334 हाउस कनेक्शन चैंबर पाया गया। इसके अतिरिक्त, 988 हाउस कनेक्टिंग चैंबर की लोकेशन चिह्नित ही नहीं की जा सकी।
जल निगम के अधिशासी अभियंता की तहरीर पर 18 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना आरंभ की गई है। - राजीव सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली, बलिया