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Ballia News: लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश मामले में अज्ञात पर केस

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बलिया। छपरा रेलखंड पर मांझी पुल के समीप ट्रैक पर पत्थर रखकर लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इसी के साथ इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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पीडब्ल्यूआई अशोक कुमार की तहरीर पर बैरिया पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद रविवार को तफ्तीश शुरू कर दी। रेल ट्रैक पर पत्थर रखकर शनिवार की सुबह लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस को पलटाने की कोशिश की गई थी। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया।
ट्रैक पर पत्थर रखने के कारण इंजन का सुरक्षा गार्ड क्षतिग्रस्त होने की जानकारी के बाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर संजय सिंह, आरपीएफ प्रभारी बीके सिंह, बैरिया क्षेत्राधिकारी उस्मान, थाना प्रभारी रामायण सिंह सहित रेलवे के अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया था। इस मामले में अफसरों ने छपरा जंक्शन पर लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस के लोको इंस्पेक्टर अमित कुमार से भी जानकारी हासिल की थी। इसके बाद डाग स्क्वायड के साथ टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस, आरपीएफ बलिया और छपरा की स्पेशल टीमें ट्रैक पर पत्थर रखने वालों की तलाश में जुट गईं हैं।
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इसी के साथ ट्रेन हादसे की साजिश रचने वालों की तलाश में यूपी -बिहार के तटवर्ती गांवों में पुलिस की सक्रियता बढ़ गई है। कहा जा रहा है कि मांझी के लोग पुल से होकर यूपी में घूमने आते हैं। घटना वाले दिन की सुबह तीन- चार की संख्या में कुछ युवक दिखेे थे। लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस गुजरने से करीब आधे घंटे पूर्व बलिया-सियालदह गुजरी थी। तब ट्रैक पर पत्थर नहीं रखा था। अगर पत्थर रहता तो सियालदह एक्सप्रेस से भी टकराया होता। इस पहलुओं पर पुलिस पड़ताल कर रही है। सीओ मो. उस्मान के मुताबिक इस मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

बंधे पर लगाने वाले बोल्डर को रखा था ट्रैक पर : बकुलहा-मांझी रेलखंड पर सरयू नदी के रेल पुल के पहले कटान से बंधे को बचाने के लिए लगाए जाने वाले बोल्डर को बदमाशों ने ट्रैक पर रखा था। हालांकि इंजन के अगले हिस्से में लगने वाले सुरक्षा गार्ड से पत्थर टकराकर छोटे -छोटे टुकड़ों में बिखर गया था। जांच टीम को घटनास्थल से पत्थर के दो टुकड़े पड़े मिले हैं। घटना के बाद आरपीएफ, जिला पुलिस व पीडब्ल्यूडी की टीमें रेलवे ट्रैकों की निगरानी कर रही हैं। आरपीएफ ने इस रेल खंड को छह जोन में बांट कर ट्रैक के किनारे की बस्तियों में रहने वालों लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू कर दिया है। आरपीएफ प्रभारी बीके सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक पर लोहे या पत्थर की वस्तु रहने या पटरी को नुकसान करने के मामले में आजीवन सजा का प्रावधान है।
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